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नगर निगम का तुगलकी फरमान, फुटपाथ विक्रेता हो रहे परेशान

फुटपाथ विक्रेता

इंदौर. राजवाड़ा क्षेत्र पर कई वर्षों से पथ विक्रेताओं द्वारा दुकानें संचालित होती आ रही है, जिसके चलते कई बार नागरिकों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसी को लेकर वहां के व्यापारी एसोसिएशन द्वारा यातायात व अन्य समस्याओं को लेकर पिछले दिनों शिकायत की गई, जिसके बाद नगर निगम द्वारा इन दुकानों को हटाया जा रहा है, अब इन फुटपाथ विक्रेताओं की रोजी-रोटी पर संकट के बादल मंडराने लगे है।

इंदौर में कोरोना काल के बाद धीरे-धीरे छोटे-बड़े सभी व्यापारियों का व्यापार पटरी पर आने लगा था लेकिन अब राजवाड़ा स्थित सैकड़ों की संख्या में लगने वाली पथ विक्रेताओं की दुकानें नगर निगम द्वारा हटाई जा रही है, जिसको लेकर फुटपाथ विक्रेताओं का कहना है कि अब उनकी रोजी-रोटी को लेकर संकट मंडराने लगा है। सालों से वह यहां पर दुकानें लगाकर अपना घर चला रहे थे लेकिन अचानक से नगर निगम के तुगलकी फरमान के कारण अब वह पूरी तरह से बेरोजगार हो गए हैं।

विक्रेताओं का कहना है कि हमें धन दौलत नहीं चाहिए हमें तो केवल फुटपाथ पर दुकान चलाने की अनुमति चाहिए ताकि हम अपना घर चला सके। फुटपाथ विक्रेता व अन्य ठेला संचालकों को सरकार द्वारा 10 हजार का लोन मुहैया कराया गया था ताकि महामारी के बाद वे अपना व्यापार फिर से खड़ा कर सके लेकिन आज इन्हीं फुटपाथ विक्रेताओं की दुकानें हटाने के बाद फिर से इन पर बेरोजगारी छा गई है।

मृदुभाषी के लिए इंदौर से चंकी बाजपेयी की रिपोर्ट