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Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बरतें खास सावधानी और करें ये विशेष उपाय

सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को मंत्रों का जाप करना चाहिए।

Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण ब्रह्मांड में होने वाली एक अदभुत और विस्मयकारी खगोलीय घटना है और यह घटना पृथ्वी से करोड़ों किलोमीटर दूर घटित होती है, लेकिन इसके बावजूद इसका प्रभाव मानव जीवन पर पडता है। पृथ्वीलोक के जीवों पर इसका अच्छा और बुरा दोनों तरह का असर दिखाई देता है। मानव जीवन पर इसका असर राशि अनुसार भी पड़ता है और ग्रहण के दौरान निकलने वाली प्रदूषित किरणों का भी विपरीत प्रभाव देखा जाता है। मान्यता है कि ग्रहण का सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर देखा जाता है। साल 2020 का आखिरी सूर्यग्रहण 14 दिसंबर सोमवार को सोमवती अमावस्या के दिन है। आइए जानते हैं ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों को किस बात का ख्याल करना है और कौनसे कार्य करना है।

गर्भवती महिलाएं रखें ग्रहण में खास ख्याल

सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं और हाल ही में जन्मे नवजात शिशु को जन्‍म देने वाली महिलाओं को विशेष सावधानी बरतना चाहिए। शास्त्रोक्त मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर की दहलीज नहीं लांघना चाहिए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष बातों का ख्याल रखना चाहिए नहीं तो लापरवाही बरतने पर गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण गर्भवती महिलाओं के लिए अशुभ प्रभाव देने वाला होता है। इसलिए ग्रहण के दौरान सतर्क रहने और घर में रहने की सलाह दी जाती है।

नुकीली वस्तुओं के प्रयोग से करे परहेज

सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सब्जी काटना, कपड़े सीने जैसे कार्य नहीं करना चाहिए। इस समय धारदार उपकरणों के उपयोग से भी बचना चाहिए। ऐसा करने से बच्चे को शारीरिक दोष की संभावना हो सकती है। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को शयन, खाना पकाना, और श्रंगार की भी मनाही है। ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी का पत्ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए। यह उनके लिए सुरक्षा कवच का कार्य करेगा।

ग्रहण की समाप्ति पर करें स्नान

सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद गर्भवती महिला को स्नान करना चाहिए नहीं तो मान्यता है कि उसके शिशु को त्वचा संबधी रोग लग सकते हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान मानसिक मंत्रों के जाप का बड़ा महत्व है। इस दौरान किए गए मंत्र जाप का कई गुना फल प्राप्त होता है। गर्भवती महिलाएं इस दौरान शास्त्रोक्त मंत्रों का जाप कर सकती है। इससे स्वयं के और गर्भस्थ शिशु के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर उत्तम प्रभाव पढ़ता है।