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दुष्कर्म आरोपी आरक्षक की जगह भाई गया नमूना देने, पहुंचा सलाखों के पीछे

इस मामले में दो पुलिसवालों की भी भूमिका सामने आई है।

उज्जैन। अक्सर पुलिस धोखाधड़ी के मामले में आरोपी पर शिकंजा कसती है और उसको सलाखों के पीछे पहुंचाती है। इस तरह से पुलिस अपने फर्ज को निभाती है, लेकिन उज्जैन में अनोखा मामला सामने आया है। पुलिस का एक जवान जब दुष्कर्म के केस में फंसा तो उसने बचने के लिए एक शातिराना चाल चली, लेकिन इसके बावजूद वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाया और उसका भंडाफोड़ हो गया।

आरोपी की जगह पहुंचा चचेरा भाई

पुलिस जवान के द्वारा धोखाधड़ी का मामला उज्जैन के चिमनगंज पुलिस का है। पुलिस लाइन में पदस्थ पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ एक युवती ने दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीडिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया था। आरक्षक को जेल भेजने से पहले पुलिस द्वारा आगे की जांच के लिए आरोपी के स्पर्म के सेम्पल लिये जाने थे। तभी जांच के दौरान आरोपी का चचेरा भाई सामने आ गया और डॉक्टरों द्वारा स्पर्म लेने की प्रक्रिया के दौरान उनके पास पहुंच गया और आरोपी की जगह पर खुद के स्पर्म के सेम्पल देने लगा। तभी एक महिला सब इंस्पेक्टर की नजर उसके ऊपर पड़ी और उसको पकड़कर वरिष्ठ अधिकारियों के सुपूर्द किया।

दो आरक्षकों की भूमिका मिली संदिग्ध

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कांस्टेबल का सहयोग करने वाले दो आरक्षकों, उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है और एक वार्ड बाय के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले की जांच नीलगंगा सीएसपी द्वारा की गई जिसमें जिला चिकित्सालय के वार्डबाय की भूमिका भी संदिग्ध नजर आई। वार्डबाय के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और उसको गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में सहयोग करने पर महिला थाने के आरक्षक तबरेज और नीलगंगा थाने के आरक्षक घनश्याम को सस्पेंड कर दिया गया है।