////

Indore Ration Scam: गरीबों के राशन पर डाका डालने वालों पर प्रशासन ऐसे कसेगा शिकंजा

पुलिस ने लगभग 20 करोड़ रुपए की संपत्ति राशन माफियाओं की चिन्हित की है।

Start

इंदौर। इंदौर कलेक्टर द्वारा पकड़े गए राशन घोटाले में एक के बाद एक परतें खुलती जा रही हैं, अब तक इस मामले में दस अलग-अलग थानों में 31 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हो चुकी हैं और दो राशन माफियाओं के खिलाफ रासुका की कार्रवाई भी की जा चुकी है।

घोटाले में अन्य विभाग भी है शामिल

अभी तक की प्रारंभिक पड़ताल में पुलिस ने लगभग 20 करोड़ रुपए की संपत्ति इन राशन माफियाओं की चिन्हित की है, इसके साथ ही जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे काले कारोबार में न केवल खाद्य विभाग बल्कि मंडी सहित अन्य विभाग भी इन से मिले हुए थे और इन्हीं की मिलीभगत के चलते गरीबों के हक पर यह लोग डाका डाल रहे थे, इन लोगों की मिलीभगत के चलते सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन को फर्जी रसीदों के आधार पर नंबर एक में लाया जाता था और उसके बाद उस माल को मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में और यहां तक की महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी पहुंचाया जाता था।

राशन माफियाओं की संपत्ति होगी नीलाम

यह माफिया अपना खाद्यान्न ऐसे लोगों को बेचते थे जो चोरी का माल खरीदते हैं, प्रशासन अब उन लोगों पर भी शिकंजा कसने जा रहा है जो इस पूरे काले कारोबार में माफियाओं के सहयोगी रहे हैं और जो लोग माल खरीदा करते थे। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री के साफ निर्देश हैं कि माफियाओं की संपत्तियों का पता लगाया जाए और जो नंबर एक की संपत्तियां हैं उन्हें नीलाम किया जाए और उस नीलामी से जो पैसा है उसे राशन खरीद के गरीबों में बांटा जाएगा, जो संपत्ति अवैध पाए जाएगी उन पर निगम का बुलडोजर चलाया जाएगा।

अभी और गिरफ्तारी है बाकी

इसके साथ ही कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि माफिया दवे बंधुओं का कारोबार इंदौर ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों तक फैला हुआ था, जांच टीम उसके बारे में भी पता कर रही है पुलिस भी लगातार इनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, जब लोगों की गिरफ्तारी हो जाएगी और इनसे पूछताछ होगी तो कई बड़े खुलासे सामने आएंगे और उन सरकारी अफसरों के चेहरे भी बेनकाब हो जाएंगे जिस काम में इनका साथ दे रहे थे।