Coronavirus: एक ही परिवार के 14 सदस्यों में कोरोना के लक्षण पाए गए थे।
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कोरोना संक्रमित होने पर झोलाछाप डाक्टर से करवाया इलाज, एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, 5 गंभीर

Coronavirus: कोरोना वायरस की महामारी के दौर में हर तरफ दहशत और खौफ का माहौल पसरा हुआ है। कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकना पड़ रहा है। अस्पतालों में लोगों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं, जिनको बेड मिला उनको ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दूसरे जीवनरक्षक उपकरणों और आवश्यक दवाओं से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में लोग मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवा कर मौत के आगोश में समा रहे हैं।

झोलाछाप ने इलाज के बदले दी मौत

ऐसा ही एक वाकिया छत्तीसगढ़ से आया है, जहां एक डॉक्टर के इलाज के बाद एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रहने वाले एक ही परिवार के 14 सदस्यों में कोरोना के लक्षण पाए गए थे। इन सभी लोगों ने तबीयत खराब होने पर एक झोलाछाप डॉक्टर की सलाह ली, जो होम्योपैथी का क्लीनिक चलाता है। उसके कहने पर इन लोगों ने होम्योपैथिक दवा पी थी। यह दवा होम्योपैथिक दवा ड्रोसेरा 30 पी थी। इसके बाद से डॉक्टर फरार है।

होम्योपैथिक दवा ड्रोसेरा 30 ली थी

दवा लेने के कुछ देर बाद इन सभी लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और एक के बाद एक 8 लोगों की जान चली गई। घटना बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की है। यहां कोरमी गांव में परिवार के सभी लोगों ने एल्कोहल युक्त होम्यैपैथिक दवा पी थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दूसरे संभावित एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। मरने वालों में 4 लोगों का अंतिम संस्कार रात में ही कर दिया गया था, इसलिए मामले में संदेह और ज्यादा बढ़ गया। बिलासपुर के सीएमओ ने बताया कि होम्योपैथिक दवा पीने से परिवार के 8 लोगों की मौत हुई है और 5 अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक दवा ड्रोसेरा 30 में 91 फीसदी एल्कोहल होता है।