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दो लोगों की बचाई जिंदगी, लेकिन खुद हारा जिंदगी की जंग

तैराक पंकज चावड़ा सैकड़ों लोगों की जान बचा चुका था।

उज्जैन। महाकाल दर्शन करने आए महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं को शिप्रा तैराक दल के युवक ने नदी में डूबने से बचाया, लेकिन वह खुद को नहीं बचा सका साथियों की मदद से पंकज को  नदी से निकाला गया । बेहोशी की हालत में  साथी दोस्त अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक ने उसे मृत घोषित कर दिया पंकज अब तक करीब 100 से अधिक लोगों की जान बचा चुका है। परिजनों ने आर्थिक मदद की मांग की है।

शिप्रा में डूबा तैराक

उज्जैन के शिप्रा नदी पर संस्था लोगों की जान बचाने वाले युवक ने अपने ही जान गंवा दी। महाराष्ट्र के जलगांव से हरीश राम गोपाल अपने परिवार के साथ उज्जैन देव दर्शन करने आया था महाकाल दर्शन करने के बाद सभी लोग उज्जैन के शिप्रा नदी स्थित राम घाट पर स्नान करने पहुंचे जहां पर मंगलाबाई स्नान कर रही थी स्नान के दौरान पांव फिसलने से मंगलाबाई और एक अन्य  महिला नदी में जा गिरी जिसको बचाने के लिए भतीजा हरीश नदी में कूद गया।

शिप्रा तैराक दल के अन्य सदस्य

दोनों युवक को डूबता देख पंकज चावड़ा भी दोनों को बचाने नदी में कूद गया नदी में डूबता देख शिप्रा तैराक दल के अन्य सदस्य भी  पहुंचे सभी को बचाने लगे इस दौरान पंकज चावड़ा ने हरीश को तो पहले निकाल लिया फिर दोबारा से महिला को बचाने गया तब उसकी सास फुल गई सांस फूलने के कारण पंकज बेहोश हो गया जिसे तेरा दल के सदस्यों ने नदी से निकाला और अस्पताल ले गए अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने पंकज को मृत घोषित कर दिया पंकज चावड़ा महाकाल मंदिर पर फोटोग्राफी का काम करता था उसके दो छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। परिजन अब जिला प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है।

100 से अधिक श्रद्धालुओं को बचा चुका था

शिप्रा तैराक दल के अन्य सदस्यों ने बताया कि पंकज चावड़ा एक अच्छा तैराक था पिछले कई सालों से घाट पर श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने का काम करता था करीब अब तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं को डूबने से बचा चुका है। उज्जैन के रामघाट पर अब तक कई श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हुई है इसके बाद भी प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं प्रति सप्ताह श्रद्धालुओं के टूटने की कई खबरें सामने अब तक आई है होमगार्ड का तैरक होने के बावजूद भी शिप्रा तैराक दल के सदस्यों को अपनी जान जोखिम में डालना पड़ती है।