जानें रक्षा बंधन पर आज 6 श्रेष्ठ मुहूर्त, शाम तक बांंधे जा सकेंगे रक्षा सूत्र

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व पर इस वर्ष कई शुभ संयोग बनने जा रहे है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस संयोग को अत्यधिक शुभ माना गया है। सुबह से लेकर शाम तक छह श्रेष्ठ मुहूर्त हैं जिसमें रक्षा सूत्र बांधे जा सकते हैं।

आज बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी और भाई अपनी बहन की रक्षा का प्रण लेंगे।इस वर्ष रक्षाबंधन पर 2 विशेष शुभ मुहूर्त के सहयोग का निर्माण हो रहा है। 22 अगस्त को रक्षाबंधन पर इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस शुभ संयोग को अति उत्तम माना गया है। माना जाता है कि इस संयोग में रक्षाबंधन भाई और बहन दोनों के लिए शुभकारक और फलदायी होगा। रक्षा बंधन पर सुबह 6.15 मिनट से लेकर सुबह 10.34 मिनट तक शोभन योग रहेगा। इसके बाद धनिष्ठा योग शाम को लगभग 7.40 तक रहेगा। इस योग में राखी बांधना सबसे उत्तम माना गया हैं।

भद्रा की समाप्ति के बाद ही राखी बांधी जाती है

इस बार रक्षाबंधन पर्व में भद्रा आड़े नहीं आएगा। रक्षाबंधन पर सूर्योदय के पहले ही भद्रा की समाप्ति हो जाएगी इसलिए पूरा दिन राखी बांधने के लिए श्रेष्ठ रहेगा आमतौर पर रक्षाबंधन के दिन भद्रा की स्थिति बनती है इसलिए राखी बांधने के लिए भद्रा समाप्ति का इंतजार करना पड़ता है। पूर्णिमा होने के कारण अक्सर रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहता है। कई बार सुबह से दोपहर बाद तक भद्रा की स्थिति रहती है व भद्रा की समाप्ति के बाद ही राखी बांधी जाती है। इसी के साथ इस बार ग्रह-नक्षत्रों के मेल से कई शुभ संयोग भी विद्यमान रहेंगे। ज्योतिष आचार्य जितेन्द्र पाठक शास्त्री ने बताया कि वैसे तो राखी बांधने के लिए पूरा दिन शुभ है, लेकिन शाम 4.30 से 6 बजे तक राहू काल है इसलिए इस दौरान रक्षा सूत्र बांधने से बचें।

राखी बांधने एवं बंधवाने के शुभ मुहूर्त-

प्रातः 07.42 मि. से 09.17 मि. तक (चर)

प्रातः 09.18 मि. से 10.52 मि. तक (लाभ)

प्रातः 10.53 मि. से दोप. 12.27 मि. तक (अमृत)

दोप. 02.02 मि. से 03.37 मि. तक (शुभ)

सांयः 06.47 मि. से रात्रि 08.12 मि. तक (शुभ)

रात्रि 08.13 मि. से 09.37 मि. तक (अमृत)