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कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए इंदौर ने की यह तैयारियां

इंदौर। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए प्रदेश सरकार लगातार तैयारी कर रही है। खासकर कोरोना की दूसरी लहर में हॉटस्पॉट बने इंदौर शहर में तीसरी लहर की तैयारी को लेकर लगातार प्रदेश सरकार नजर बनाए हुए है। प्रदेश के एसीएस मोहम्मद सुलेमान इंदौर पहुंचे और तीसरी लहर व मॉडल अस्पताल को लेकर तैयारियों की जानकारी ली।

एसीएस मो. सुलेमान ने शनिवार दोपहर को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से कही। उन्होंने कहा कि आंकड़े कहते हैं कि सिंगल डोज से भी बहुत प्रोटेक्शन मिलता है और दोनों डोज के बाद तो 90 से 95 फीसदी को अस्पताल जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इंदौर ने इस मामले में बहुत अच्छा काम किया है और इसी दिशा में काम चल रहा है।

82 फीसदी लोगों को पहला डोज लग चुका है।

उन्होंने कहा कि कम से कम इंदौर में तो वैक्सीन की कमी नहीं है। प्रदेश में सबसे तेज वैक्सीनेशन इंदौर में ही हो रहा है। यहां 82 फीसदी लोगों को पहला डोज लग चुका है। कोशिश यह है कि वैक्सीनेशन का काम पूरा हो जाए। तीसरी लहर आए या न आए लेकिन अस्पतालों पर इतना दबाव न पड़े जैसा दूसरी लहर के दौरान था। डॉक्टरों का मनोबल बनाए रखना जरूरी है क्योकि लगातार काम करने में हर व्यक्ति थकता है। जूनियर डॉक्टरों के मामले में उन्होंेने कहा कि जूडा की मांगें हमेशा आती हैं और कुछ न कुछ होता है। ये चीजें उन्हीं के स्तर की होती है। बहुत सारी बातें सरकार के स्तर की भी होती है। हम लोग लगातार इन मुद्दे पर उनसे संवाद करते हैं।

अस्पताल को अक्टूबर में सुपर स्पेशलिटी के रूप में शुरू कर दिया जाएगा

उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनकर तैयार हो गया लेकिन उस दौरान कोविड में उसकी जरूरत ज्यादा थी तो अस्पताल का उपयोग कोविड के लिए किया गया। अभी उसमें केवल एक कोरोना मरीज भर्ती है। जरूरत इस बात की है कि उसका उपयोग सुपर स्पेशलिटी के रूप में ही हो। अभी नई नियुक्तियां शुरू हुई हैं। खास तौर पर डॉक्टरों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है। कुछ इक्विपमेंट भी आ गए हैं और कुछ आना हैं। अस्पताल को अक्टूबर में सुपर स्पेशलिटी के रूप में शुरू कर दिया जाएगा।

जिन लोगों को आंखों की परेशानी है उन्हें नि:शुल्क सुुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि ‘सेंट्रल फॉर एक्सीलेंस आई’ 40 करोड़ रु. लागत से बन रहा है। बिल्डिंग लगभग 80 फीसदी बन चुकी है। कुछ इक्विपेंट के मामले में काम चल रहा है, साथ ही स्टाफ की नियुक्ति भी शुरू की गई है। इसे भी अक्टूबर में शुरू करने के प्रयास चल रहे हैं। लोगों के लिए यह बडी सुविधा है। जिन लोगों को आंखों की परेशानी है उन्हें सेंटर में एक्सीलेंस के रूप में नि:शुल्क सुुविधा उपलब्ध होगी।