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कोरोना से नहीं हुई मौत, तो किन 11 लोगों का हुआ प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार ?

64 दिनों के बाद भोपाल में कोरोना से मौत का आंकड़ा शून्य रहा

भोपाल. नए कोरोना संक्रमितों की तरह भोपाल में कोरोना से मौत का आंकड़ा भी काबू में आ रहा है। दो महीनें चार दिन बाद रविवार को सरकारी रिकॉर्ड में कोरोना से मौत का फिगर शून्य रहा, लेकिन राजधानी के चार शमशानों में 11 लोगों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया।

64 दिनों के बाद भोपाल में कोरोना से मौत का आंकड़ा शून्य रहा

कहर बरपाने वाली कोरोना की दूसरी लहर काबू में आ रही है। पिछले दस-बारह दिनों के अंदर भोपाल में भी कोरोना संक्रमित नए रोगियों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज हो रही है। उधर मौतों के आंकड़े में भी कमी हुई हैं। 64 दिनों के बाद भोपाल में कोरोना से मौत का आंकड़ा शून्य रहा, लेकिन झदा कब्रिस्तान के अलावा सुभाष नगर, बैरागढ़ और भदभदा विश्राम घाटों में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 11 लोगों के अंतिम संस्कार हुए। भदभदा में चार शवों का संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत किया गया।

दूसरी लहर में बड़ी संख्या में हुई कोरोना से मौत

भोपाल में कोरोना की दूसरी लहर में मौतों का कहर बरपा है। अप्रैल माह में अकेले भदभदा विश्राम घाट पर 1654 शवों का संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत हुआ। सुभाष नगर, बैरागढ़ विश्राम घाट और झदा कब्रिस्तान में भी मार्च और अप्रैल माह में बड़ी संख्या में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत संस्कार अंतिम हुए,हालांकि सरकारी आंकड़ा कम रहा।