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कोरोना की दवाई की कालाबाजारी करनेवाले डॉक्टर और एमआर के खिलाफ पुलिस ने उठाया सख्त कदम

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इंदौर। शहर में कोरोना के कहर के बीच आवश्यक दवाइयों की कालाबाजारी के आरोपियों पर पुलिस ने सख्ती की। पुलिस ने इस मामले में मयूर हॉस्पिटल में डॉक्टर के पद पर पदस्थ आमिर और इंफ्रालीबाल फर्म कंपनी में कार्यरत एमआर इमरान को आवश्यक दवाइयों की कालाबाजारी करने के मामले में गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे कर दिया है। पकड़ाए दोनों ही आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है वहीं मयूर हॉस्पिटल के संचालक सहित पूरे स्टाफ से सख्ती से पूछताछ की जा रही है।

कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लोग तरह-तरह के उपाय करने में लगे हैं। डाक्टर भी संक्रमण को दूर रखने के लिए फल खाने की सलाह दे रहे हैं। इसमें संतरा-मौसंबी सहित खट्टे फल शामिल हैं, लेकिन इन दिनों सारे फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। फल कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से बाहर से संतरा नहीं आया है, वहीं मौसंबी की पैदावार कम हुई है। वैसे जिन दुकानों में कोल्ड स्टोरेज में रखे संतरा-मौसंबी,सेब मिल रहे है। वह 120 रुपये किलो के भाव से दुकानदार बेच रहे हैं। इधर जिला प्रशासन की सख्ती बढ़ने से फल विक्रेताओं ने दामों में ओर वृद्धि कर दी है। सेब, आम, अनार डेढ़ सौ से दो सौ रुपये किलो मिल रहा है। जनता कर्फ्यू के चलते 12 बजे तक की छूट के कारण नंदलालपुरा-मालवा मिल, पाटनीपुरा और साकेत में फलों की दुकानों में भीड़ उमड़ पड़ी।

हालांकि इसका फल विक्रेताओं ने जमकर फायदा उठाया। तरबूज, खरबूजा, अंगूर और पपीता भी महंगे दामों पर बिके। यहां तक कि ठेलेवालों ने भी पांच से दस रुपये दाम बढ़ा दिए। फल विक्रेताओं का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से बाहर से फल आना बंद हो चुके हैं। आसपास से तरबूज, खरबूजा और आम आ रहे हैं। मगर उनका थोक भाव भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि आम की कम किस्में इस बार बाजार में आई हैं। बादाम हर जगह आसानी से मिल रहा है। फल व्यापारी अपने हिसाब से बेचने में लगे हैं। हाफुस अभी इक्का-दुक्का दुकानों में ही नजर आ रहा है। वहीं नारियल के दाम भी बढ़े हुए हैं। वैसे थोक बाजार में अभी उसी कीमत पर व्यापारियों को मिल रहे है।