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अदालत ने दिया आदेश, 15 कुत्ते कोर्ट में हो हाजिर

कुत्तों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए थाने लाया गया गया है।

उज्जैन। उज्जैन के माधव नगर थाने में कोर्ट के आदेश पर 15 पालतू कुत्तों को मेडिकल के लिए लाया गया। कुछ महीने पहले एनजीओ की शिकायत पर पालतू कुत्तों को नानाखेड़ा पुलिस ने जमालपुरा से छुड़वाया था सभी पालतू कुत्तों को एनजीओ के सदस्यों आपस मे बांटकर  रख-रखाव कर रहे थे। मेडिकल के बाद कुत्तों की सही स्थिति का पता चल पाएगा कि उनका स्वास्थ्य कैसा है।

एनजीओ ने उठाया था मामला

उज्जैन के थाना माधव नगर में अजीबो-गरीबो  मामला देखने को आया। यहां पर एक एनजीओ, जो पालतु पशुओं की संस्था के रूप में काम करती है और इस संस्था की संरक्षक मेनका गांधी है को इस संबंध में कार्रवाई के लिए मेनका गांधी ने एक पत्र भी लिखा था। दुकानदार ने रुपये कमाने के उद्देश्य से कुत्तों की प्रजनन की व्यवस्था एक गाय के बाड़े में कर रखी थी।  जिससे सभी कुत्तों के स्वास्थ्य खराब हो गया था।  

बदतर हालत में रखे गए थे कुत्ते

8 महीने पहले कई अच्छी प्रजाति के कुत्तों को बहुत ही बदतर हालात में रख रखा था। इन कुत्तों को एनजीओ की टीम ओर प्रशासन ने दुकानदार के यहां से एनजीओ में लाकर उनकी देखभाल की व्यवस्था की थी। एनजीओ के तमाम सदस्यों ने अच्छी क्वालिटी के कुत्तों को अपने-अपने घर में देखभाल के लिए रखा था। लगभग 8 महीने से वह कुत्ते अपने मालिक के घर में रह रहे थे। मालिकों ने और उनके परिवार के सदस्यों ने उन कुत्तों की बहुत अच्छी देखभाल की।

अब  व्यापारी ने न्यायालय में एनजीओ के खिलाफ अपने कुत्तों को वापस लाने के लिए एक वाद दायर किया । इसी के चलते माननीय न्यायालय ने पुलिस को और एनजीओ को आदेशित किया कि जिन सदस्यों के पास कुत्ते हैं वे तमाम कुत्तों को लेकर उनका मेडिकल कराकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें । इसी के अंतर्गत सोमवार को एनजीओ के सदस्यों ने 15 कुत्तों को थाना माधवनगर में लाकर उनका मेडिकल कराया गया और उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश कराया जाएगा। जहां से माननीय न्यायालय यह तय करेगा कि इन कुत्तों को उसके मालिक को सौंपा जाना चाहिए या जिन्होंने इसकी लंबे समय से देखभाल करें उन एनजीओ के सदस्यों को।

एनजीओ ने दिया कुत्तों की दयनीय स्थिति का हवाला

एनजीओ के वकील का कहना है कि उन्होंने जब इसकी तहकीकात की तो उन्हें पता चला कि एक दुकानदार ने बहुत ही बेरहमी से इन कुत्तों को प्रजनन करा कर पैसे कमाने के लिए बहुत ही क्रूरता पूर्वक उन्हें एक गाय के बाड़े में रख रखा था एनजीओ के सदस्यों ने जिला कलेक्टर को इसकी सूचना दी जिला कलेक्टर  ने एडीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे तत्कालीन जिला प्रशासन की टीम और एनजीओ ने मिलकर उस दुकानदार के यहां से 15 से अधिक कुत्तों को छुड़वा कर अपने यहां रखा था जब कुत्तों को उस दुकानदार के यहां से छुड़वाया गया था तब उन कुत्तों की स्थिति बहुत ही दयनीय थी।

वहीं इस पूरे मामले में थाना नानाखेड़ा सीएसपी वंदना चौहान का कहना है कि उन्हें माननीय न्यायालय से जो निर्देश मिलेगा हम उसका पालन करेंगे। न्यायालय का कहना था कि कुत्तों का मेडिकल कराकर उसके दस्तावेज पेश किए जाएं तो हम उसका पालन करेंगे।