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कोरोना नियंत्रण में एमपी अव्वल लेकिन संकट अभी टला नहीं

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भोपाल। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिहाज से मध्यप्रदेश की स्थिति देश में सबसे बेहतर बताई जा रही है। संक्रमण के मामले में एमपी 32वें नंबर पर आ गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के कन्फर्म केस केवल 12 आए हैं, जबकि एक्टिव केस 202 बचे हैं। प्रदेश का रिकवरी रेट 98.6 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय दर 97.3 प्रतिशत है। हालांकि इसके बावजूद अभी संकट टला नहीं है। एमपी में सितम्बर-अक्टूबर में तीसरी लहर की आशंका जताई की जा रही है, जिसे लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में 8 लाख 57 हजार 320 हेल्थ केयर वर्कर, 8 लाख 90 हजार 246 फ्रंटलाइन वर्कर, 60 वर्ष से अधिक आयु समूह के 50 लाख 66 हजार 690 व्यक्तियों, 45 से 60 वर्ष आयु समूह के 68 लाख 96 हजार 963 व्यक्तियों और 18 से 44 वर्ष आयु समूह के 01 करोड़ 14 लाख 74 हजार 334 व्यक्तियों का टीकाकरण हो चुका है।

तीसरी लहर से बचाव की तैयारी

तीसरी लहर के अंदेशे को देखते हुए अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, ऑक्सीजन, उपकरणों और दवाओं को बढ़ाने का दावा सरकार की ओर से किया जा रहा है। फिलहाल प्रदेश में 11 हजार 185 बेड उपलब्ध हैं और तीन हजार 63 नए ऑक्सीजन बेड स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 750 ऑक्सीजन बेड बढ़ाए जा रहे हैं।

186 पीएसए प्लांट्स बन रहे

ऑक्सीजन के लिए 186 पीएसए प्लांट्स स्थापित किए जा रहे हैं, इनमें से 34 ने काम करना भी शुरू कर दिया है। बाकी 152 पीएसए प्लांट्स 30 सितंबर तक शुरू हो जाएंगे जिनकी क्षमता 229 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की होगी. इसके साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा विभाग और जिला स्तर पर भी ऑक्सीजन प्लांट्स का काम किया जा रहा है, जो 30 सितम्बर तक पूरा होने की उम्मीद है।

स्टाफ बढ़ाने पर जोर

प्रदेश में मई 2021 में 01 हजार 20 स्टाफ नर्स को नियुक्ति की गई है। 148 रेडियोग्राफर, 248 लैब टेक्निशियन को भी नियुक्त किया गया। प्रदेश में 7 हजार 523 मेडिकल ऑफिसर, 15 हजार 999 स्टाफ नर्स, 26 हजार 301 आयुष मेडिकल ऑफिसर और 34 हजार 439 फील्ड वर्कर्स, 51 हजार 684 आशा और 14 हजार 217 एएनएम को कोविड से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।