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बार्डर पार कर पाकिस्तान पहुंचे युवक को लाने के लिए विधायक बिरला ने किया सहयोग

विधायक सचिन बिरला

बेड़िया. बेड़िया के समीप आदिवासी ग्राम नलवट का निवासी वेरसिंग पिछले पांच माह से लापता था। फिर अचानक समाचारपत्रों में समाचार आया कि पाकिस्तानी सेना ने राजस्थान सीमा पर वेरसिंग को भारत के बीएसएफ को सौंपा है। वेरसिंग के पिता भीमसिंग ने बताया कि वेलसिंग मानसिक रूप से कमजोर है और अक्सर घर से चला जाता था और कुछ दिनों बाद स्वतः वापस लौट आता था।

किंतु जब वेरसिंग पांच माह तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने बेड़िया पुलिस थाने में वेरसिंग की गुमशुदगी की जानकारी दी। बेड़िया थाने को वेरसिंग के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने वेरसिंग के मिलने के बारे में परिजनों को खबर दी। जिसके बाद राजस्थान से युवक को वापस लाने के लिए विधायक सचिन बिरला ने मदद का हाथ बढ़ाया है। 

विधायक सचिन बिरला ने वेरसिंग को राजस्थान सीमा से वापस लाने के लिए वेरसिंग के पिता भीम सिंह और भाई राम लाल को आर्थिक मदद दी है और राजस्थान की श्रीगंगानगर स्थित सीमा तक जाने के लिए वाहन भी उपलब्ध करवाया है।

बिरला ने बताया कि समाचार पत्रों में छपी खबरों के द्वारा उन्हें उनके क्षेत्र के आदवासी युवा वेरसिंग के बारे जानकारी मिली थी। तब बिरला ने नलवट से वेरसिंग के परिजनों को अपने गृह ग्राम डुडगांव बुलाया। परिजनों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वेरसिंग को राजस्थान सीमा से वापस लाने में असमर्थ हैं। विधायक बिरला ने परिजनों को वेरसिंग की वापसी के लिए आर्थिक सहायता और वाहन उपलब्ध कराया।

बिरला ने दूरभाष पर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला के पुलिस अधिकारी से बात भी की और वेरसिंग की कुशलता और उसकी वापसी के बारे में चर्चा की। पुलिस अधिकारी ने कहा कि वेलसिंग के पिता और ग्राम नलवट के सरपंच को अधिकृत पहचान पत्र के साथ श्रीगंगानगर के केसरीपुरासिंग थाना भेजिए। उसके बाद वेरसिंग को उसके पिता और सरपंच को सौंप दिया जाएगा। 

उधर ग्राम नलवट में वेरसिंग के मिलने पर हर्ष व्याप्त है। वेरसिंग के परिजनों व ग्रामीणों ने वेरसिंग की घर वापसी में विधायक सचिन बिरला द्वारा दी गई मदद के लिए आभार प्रकट किया।

बड़वाह से मृदुभाषी के लिए विपिन जैन की रिपोर्ट