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इस गांव की गली-गली मे पनप रहे बिना डिग्रीधारी डाॅक्टर, प्रशासन मौन

बड़वाह- बड़वाह ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुराल्ला मे झोलाझाप डाॅक्टर अपना डेरा जमाए हुए है उन्हें किनका संरक्षण है यह तो समझ से परे है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि मुराल्ला मे बिना डिग्रीधारी डाॅक्टर लोगो का इलाज कर रहे है। जिनके पास कोई लाइसेंस नही है। साथ ही बड़वाह के दवा बाजार से मेडिसन लेते है जो मेडिसन दे रहा है तो बिना डिग्रीधारी को कैसे मेडिसन दे रहा है। यह भी समझ से परे है क्यो नही होती कार्रवाई। लेकिन विभाग मे बैठे विभीषण अपने-अपने झोलाझापों डाॅक्टरों पर कार्रवाई नही करते है। इसका कारण सूचना तंत्र से इनकी दोस्ती यारी।

कुछ समय पहले निजी क्लिीनिक मे इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई थी।

विभाग को सूचना तो जहां तक है कि-सूत्रों से विभागीय विभीषणों को हर माह चार अंको मे लक्ष्मी की चढोत्तरी होती है। उनका भी फर्ज बनता है इन्हें सुरक्षित निकालना। आखिर वह उनकी आय का जरिया है। उन पर नकेल कसी जाती है जिनसे नजराना हल्का या कोई मतभेद हो या राजनैतिक द्वेष हो। कई बार इषारे उन पर कार्यवाही का डंडा रगडा जाता है। ऐसा मामला गत महीनों करही क्षेत्र का था। जहां पर निजी क्लिीनिक मे इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई थी। आक्रोशित परिजन एसपी आफिस भी पहुंचे थे।

फर्जी डॉक्टर बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण भी करे रहे है।

बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण भी कर रहे मुराल्ला के डाॅक्टर-सूत्रों से जानकारी मिली है कि मुराल्ला के डाॅक्टर बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण भी करे रहे है। उनको यह दवाऐं बड़वाह की कुछ थोक मेडिकल से दी जा रही है। बल्कि बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडारण व विक्रय भी अवैध रूप से किया जा रहा है। दुकानों के भीतर कार्टुन मे दवाओं का अवैध तरीके से भंडारण रहता है। उन पर क्यो नही होती ठोस कार्रवाई।

बिना डिग्रीधारी लोगों के जिदंगी से खिलवाड कर रहे है।

ग्रामीण इलाकों मे मरीजों के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़- बिना डिग्रीधारी लोगों के जिदंगी से खिलवाड कर रहे है। झोलाझाप डाॅक्टरों पर कार्यवाही ना होना स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता को सामने लाता है। झोलाझाप डाॅक्टरों के इलाज ने कई मासूम की जान ली है। जैसे करही मे एक युवती की जान गयी थी। फिर भी स्वास्थ्य विभाग विभाग कुंभकर्ण की नींद मे सोया है। बिना डिग्रीधारी डाॅक्टरों व बिना लाइसेंस के दवाओं के भंडारण पर कार्यवाही ना होना समझ से परे है।

बड़वाह से मृदुभाषी के लिए विपिन जैन की रिपोर्ट