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जानें क्यों IMA ने CM को लिखा पत्र, कहा- किसी भी सूरत में न हो कांवड़ यात्रा

उत्तराखंड। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कोरोना महामारी नियंत्रित करने के संबंध में एक पत्र लिखा है। इसमें सीएम धामी से अपील की गई है कि वो कोविड की तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं दें। पत्र में कहा गया कि सीएम कांवड़ यात्रा के प्रस्ताव को स्वीकार ना करें।


आईएमए ने अपने पत्र में लिखा है कि तीसरी लहर देश में दस्तक देने वाली है। कोरोना की पहली लहर के बाद कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया। जिस वहज से कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित हुई। अपनी पिछली विफलता से सीखते हुए हमें कांवड़ भक्तों को राज्य की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने देना चाहिए और उत्तराखंड को कोविड की तीसरी लहर से सुरक्षित रखना चाहिए।

लोगों की जिंदगी को दांव पर नहीं लगा सकते

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा को लेकर रविवार को कहा था कि बात आस्था की है, लेकिन लोगों की जिंदगी भी दांव पर है। भगवान को भी यह अच्छा नहीं लगेगा यदि लोग कांवड़ यात्रा के कारण कोविड से अपनी जान गंवाते हैं। 

लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 30 जून की कैबिनेट की बैठक में फैसला किया था कि इस साल कांवड़ यात्रा नहीं होगी। कांवड़ यात्रा आस्था से जुड़ी है। फिर भी हम सोच रहे हैं कि अगर कोई गुंजाइश है तो उस बारे में हम उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। लेकिन लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ मेजबान राज्य हैं। 15 दिनों में तीन करोड़ से अधिक कांवड़िये राज्य का दौरा करते हैं। बात आस्था की है, लेकिन लोगों की जिंदगी भी दांव पर है। लोगों का जीवन बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

बाहरी श्रद्धालुओं को समिति संख्या में प्रवेश देने की मांग की है।

एक तरफ जहां व्यापारी चारधाम और कांवड़ यात्रा खोलने की मांग के लिए आंदोलन कर रहे हैं, वहीं, दूसरी तरफ हरिद्वार मशाल संगठन ने धर्मनगरी में बाहरी श्रद्धालुओं को समिति संख्या में प्रवेश देने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि बाहरी यात्री तीर्थनगरी का माहौल बिगाड़ रहे हैं और कोरोना संक्रमण को भी बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में उन्हें बॉर्डर पर कोरोना टेस्टिंग के बाद ही अनुमति देने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।