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Kisan Andolan: बागपत में 40 दिनों से चल रहा धरना पुलिस ने करवाया खत्म, बाकी जगहों पर ऐसे हैं हालात

लाल किले की घटना के बाद किसान अपना आंदोलन समाप्त करने लगे हैं।

Kisan Andolan: दिल्ली में पुलिस ने बड़े ही संयम का परिचय दिया,लेकिन दिल्ली के बाहर अब पुलिस कार्रवाई कर रही है। बागपत में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 दिन से चल रहे धरने को जबरन खत्म करते हुए मौके पर बैठे हुए किसानों को खदेड़ दिया और टैंट उखाड़ दिए। इसके साथ ही पुलिस ने लाठियां भी फटकारी।

बागपत में पुलिस ने किसानों को खदेड़ा

तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ बड़ौत में पिछले 40 दिनों से पूर्व खाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में धरने की शुरुआत हुई थी। सुरेन्द्र सिंह के धरने से अलग होने के बाद दूसरे खापों के चौधरियों ने बेमियादी धरना शुरू किया था। गणतंत्र दिवस पर बड़ौत धरनास्थल से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर रैली में भाग लेने के लिए गए थे। दिल्ली की घटना के बाद अधिकांश किसान दिल्ली से अपने-अपने गांव और धरनास्थल पर लौट आए थे।

रेवाड़ी में धरना स्थल से किसान हुए रवाना

उधर रेवाड़ी में प्रदर्शनकारियों ने मसानी कट धरना स्थल को खाली कर दिया है। धरने पर बैठे किसान अपने-अपने घरों की ओर रवाना है गए हैं। रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने कहा कि राज्य में राजमार्गों पर कई टोल प्लाजा के पास धरना दे रहे किसानों ने देर शाम तक धरना स्थलों को खाली कर दिया।

हरियाणा में प्रदर्शनकारियों को मिली पंचायतों की चेतावनी

हरियाणा में लाल किले की घटना के बाद प्रदर्शनकारी किसानों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में करीब 15 गांवों ने पंचायत कर दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डेरा डाले किसानों से 24 घंटे के भीतर सड़क खाली करने को कहा है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात को धरना-प्रदर्शन वाली जगह की बिजली काट दी है। वहीं भारतीय किसान यूनियन के धरना खत्म करने के एलान के बाद चिल्ला बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली-नोएडा मार्ग 57 दिनों के बाद यातायात के लिए फिर से खुल गया है।