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हीरो कंपनी ने दोपहिया वाहनों के बढ़ाए दाम ,जानिए कितनी हुई महगी

कोरोना महमारी का प्रभाव जैसे-जैसे कम हो रहा है। वही दूसरी और आम जनता के लिए अब हर चीज महगी होती नजर आरही है। पेट्रोल डीज़ल की बढ़ती मांगों के साथ अब गाड़िया के भी दाम बढ़ने वाले है बतादें कि अगर आप हीरो मोटोकॉर्प की नई बाइक या स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो हो जाइये सावधान क्युकी अब एक जुलाई के बाद आप हीरो का कोई दोपहिया वाहन खरीदते हैं तो आपको कुछ हजार रुपये ज्यादा चुकाने पड़ सकते है। हीरो मोटोकॉर्प ने इसी साल जनवरी से लेकर अभी तक तीसरी बार अपनी बाइक्स और स्कूटर के दाम बढ़ाए है। बाकी दोनों बढ़ोतरी को भी अगर शामिल करें तो तीसरी बार दाम बढ़ने के बाद हीरो की बाइक्स और स्कूटर के कुछ मॉडल्स के दाम 18 हजार रुपये तक महंगे हो जाएंगे।

अब गाड़ियों पर 3000 रुपये तक बढ़ सकते हैं

कंपनी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक हीरो मोटोकॉर्प आगामी एक जुलाई से अपने स्कूटर और बाइक्स की कीमतों में 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी मॉडल और बाजार के मुताबिक की जाएगी। कंपनी का कहना है कि कमोडिटी की कीमतों में निरंतर बढ़ोतरी के प्रभाव को आंशिक रूप से ऑफसेट करने के लिए वाहनों की कीमतें बढ़ाना आवश्यक हो गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कंपनी की कोशिश है कि ग्राहक पर इस बढ़ोतरी का कम से कम प्रभाव पड़े, इसके लिए कंपनी कॉस्ट सेविंग प्रोग्राम भी आक्रामक तरीके से चला रही है।

कच्चे माल की कीमतों का महंगा होना बताया मुख्य

कंपनी का कहना था कि कीमतों को बढ़ाने के पीछे उत्पादन लागत में आई बढ़ोतरी और कच्चे माल की कीमतों का महंगा होगा एक बड़ा कारण है। तब कंपनी ने एक जनवरी से अपने वाहनों की एक्स-शोरूम कीमतों में 1,5000 रुपये की बढ़ोतरी की थी। उसके बाद कंपनी ने एक अप्रैल से अपने व्हीकल्स की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की थी। कंपनी का कहना था कि उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और उपकरणों की बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें अपने वाहनों की कीमत में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।

मारुति सुजुकी जुलाई से अपने वाहनों के दाम बढ़ाने की तैयारी में है

वही दूसरी और देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी जुलाई से अपने वाहनों के दाम बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी का कहना था कि पिछले एक साल में विभिन्न इनपुट लागतों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी के वाहनों की लागत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसलिए, कंपनी के लिए यह अनिवार्य हो गया है कि इस अतिरिक्त लागत का कुछ प्रभाव ग्राहकों को मूल्य वृद्धि के जरिए दिया जाए।