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फिरोजाबाद में डेंगू का प्रकोप, केरल में निपाह का खतरा

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फिरोजाबाद। फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बढ़ाए जा रहे संसाधन भी मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अब कम पड़ रहे हैं। सौ शैय्या अस्पताल में बेड फुल होने के बाद नवनिर्मित बिल्डिंग में 100 पलंग का वार्ड शुरू किया गया था। रविवार को दोपहर तक नया वार्ड भी मरीजों से भर हो गया। नए मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को वार्ड में पलंग बढ़ाने पड़े। सौ शैय्या अस्पताल और नवनिर्मित बिल्डिंग के वार्ड में 540 मरीज भर्ती हैं।

डेंगू ने फैलाए पैर

डेंगू और बुखार प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान के बाद भी इन इलाकों से मरीज कम नहीं हुए हैं। नए मोहल्लों में भी डेंगू और वायरल का असर पहुंच रहा है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में लिए गए 194 सैंपल में 115 मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। सिर्फ 79 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

रविवार को मेडिकल कॉलेज में आपाधापी की स्थिति रही। दोपहर तक 102 बाल रोगी नए अस्पताल में भर्ती किए हुए। अस्पताल में डाले गए अतिरिक्त पलंग और बेंच भी फुल हो गई हैं। एक पलंग पर दो-दो मरीज भी भर्ती हैं।

केरल में निपाह वायरस से 12 साल के बच्चे की मौत

केरल में एक ओर कोरोना संक्रमण का कहर जारी है। वहीं, दूसरी ओर निपाह वायरस भी पैर पसार रहा है। कोझीकोड में आज तड़के निपाह वायरस से एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। 3 सितंबर को बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। शनिवार को बच्चे को एक निजी अस्पताल के आईसीयू में दाखिल कराया गया।

2018 में भी फैला था निपाह

रविवार सुबह पांच बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि बच्चे के संपर्क में आए 20 लोगों को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है, उनमें से दो में लक्षण दिखने लगे हैं। दोनों ही स्वास्थ्यकर्मी हैं। एक कोझिकोड़ के सरकारी अस्पताल का कर्मी है, जबकि दूसरा निजी अस्पताल में है। बता दें कि केरल के कोझिकोड और मल्लापुरम जिलों में 2018 में निपाह वायरस संक्रमण फैला था। इस वायरस की चपेट में आने से सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। विशेषज्ञों की मानें तो इस वायरस की चपेट में आने से 50-75 फीसदी मरीजों की मौत होने की संभावना रहती है।