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Coronavirus: दिल्ली में कोरोना का कहर, अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ रहा है 20 घंटे का इंतजार

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Coronavirus: कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने तबाही को इस हद तक बढ़ा दिया है कि जिंदा रहते इंसान को बेड और दूसरे इलाज के लिए जरूरी साजोसामान की मशक्कत करना पड़ रही है तो मरने के बाद अंतिम संस्कार के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। देश के कई हिस्सों में मरने वालों को आंकड़ा अचानक इतना ज्यादा बढ़ गया कि श्मशानों में अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ने लगी है और अंतिम क्रिया के लिए प्रतिक्षा सूची में लगना पड़ रहा है।

अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार

कोरोना की दूसरी लहर ने राजधानी दिल्ली को हिला कर रख दिया है। दिल्ली-एनसीआर का हर हिस्सा कोरोना की चपेट में आया हुआ है। इस महामारी से हजारों मरीजों की जान जा चुकी है और हजारों अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं। ऑक्सीजन, बेड और जीवन रक्षक दवाओं की कमी से जूझ रहे दिल्ली में लोगों की तकलीफ उस वक्त और बढ़ जाती है, जब वो अपने मृत परिजन का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट जाते हैं और वहां पर भी उनको संघर्ष करना पड़ता है। दिल्ली में शवों के अंतिम संस्कार के लिए लोगों को 20 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

कतार में रखे हुए हैं शव

दिल्ली के ज्यादातर श्मशान घाटों पर शव कतारबद्ध रखे हुए हैं और दाह संस्कार के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। श्मशान घाटों के बाहर शव कहीं शव वाहन में तो कहीं पर लावारिस हालत में पड़े हुए हैं। दिल्लीवासियों का कहना है कि दिल्ली में इतने बुरे हालत पिछले पचास सालों में कभी नहीं देखे गए। लोग अपने परिजनों के शवों के साथ एक जगह से दूसरे जगह भटक रहे हैं। लगभग दिल्ली के सभी श्मशान घाटों में शवों का अंबार लगा हुआ है।

इस महीने कोरोना से हुई 3601 लोगों की मौत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में इसी महीने अब तक 3601 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इनमें से 2,267 लोगों की जान पिछले सात दिनों में गई है। लोग जब अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के कर्मचारियों से संपर्क करते हैं तो उनको दूसरे दिन की तारीख दी जा रही है। बेबस परिजन अपने परिजन के शवों को सुरक्षित रखने का इंतजाम कर रहे हैं।