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इंदौर एयरपोर्ट पर लगा कोरोना विनाशक रोबोट,99.9% तक कोरोना वायरस को मारने में सक्षम रोबोट

इंदौर एयरपोर्ट पर लगा कोरोना विनाशक रोबोट

इंदौर। भारत सहित दुनिया में कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए कई प्रयोग किये गए जा रहे है। इसी कड़ी में इंदौर में भी राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र के वैज्ञानिकों ने एक रोबोट तैयार किया है। जिसे इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लगाया गया है। यह रोबोट अपनी अल्ट्रावॉइलेट रेज़ से कोरोना का ख़ात्मा करेगा ।

एयरपोर्ट डायरेक्टर आर्यमा सान्याल ने बताया कि कैट द्वारा बनाए गए इस उपकरण की चार भुजाएं हैं, जो नीचे से ऊपर और हर दिशा में अलग-अलग सेट की जा सकती हैं। इसकी लगी अल्ट्रावॉयलेट किरणें जहां भी जाती हैं, वहां मौजूद वायरस को नष्ट कर देती हैं। इस यंत्र को दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), साउथ ब्लाॅक समेत कई और बड़े शासकीय कार्यालयों में लगाया गया है। अभी एयरपोर्ट पर उड़ानें कम होने से हम शाम 6 बजे एयरपोर्ट बंद कर देते हैं, इसलिए 6 बजे के बाद ही इसका इस्तेमाल किया जाएगा ।

एक मीटर के दायरे में आने वाली किसी सतह को पांच मिनट में बैक्टीरिया मुक्त कर देगी

ये मशीन अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन के आधार पर काम करने वाली चलित मशीन है। एक मीटर की दूरी से ही सतह और हवा को इसकी सहायता से बैक्टीरिया मुक्त किया जा सकता है। टॉवरनुमा इस मशीन की 4 भुजाओं में आठ लैंप लगे हैं, जो यूवी रेडिएशन उत्सर्जित करते हैं। ये मशीन एक मीटर के दायरे में आने वाली किसी सतह को पांच मिनट में बैक्टीरिया मुक्त कर देती है।

बाजार में और भी मशीनें लाई जाएगी

10 वर्गमीटर के कमरे को बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए 45 मिनट का समय लेती है। कैट के अनुसार यूवी-सी लाइट के जरिए मर्स कोव और सार्स-कोव-1 जैसे कोरोना वायरस का खत्म होना साबित हो चुका है। हालांकि ये लाइट, कोविड-19 बीमारी के लिए जिम्मेदार सार्स-कोव-2 वायरस को भी खत्म करती है, यह अभी तक प्रमाणित नहीं हुआ है। मशीन तैयार करने वाले वैज्ञानिक एसके मजूमदार ने बताया, इस मशीन का टेक्नोलॉजी ट्रांसफर किया जा चुका है। इसकी तकनीक के आधार पर बाजार में इस तरह की मशीनें तैयार की जा रही हैं ।