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Beating Retreat 2021: जानिए क्या होती ‘बीटिंग रिट्रीट’ इस बार इस खास अंदाज में होगा समारोह

इस बार के 'बीटिंग रिट्रीट' को ‘स्वर्णिम विजय’ थीम नाम दिया गया है।

Beating Retreat 2021: हर साल की तरह इस साल भी आज शाम दिल्ली के विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस बार का कार्यक्रम खास अंदाज में शुरू होगा। कोरोना प्रोटोकॉल की वजह से इस बार सिर्फ5 हजार लोग ही कार्यक्रम में शामिल होंगे।

‘स्वर्णिम विजय’ दिया गया है नाम

इस बार बीटिंग-रिट्रीट सेरेमनी का प्रारंभ 1971 युद्ध में पाकिस्तान पर मिली जीत के लिए तैयार की गई खास धुन से किया जाएगा। इसको ‘स्वर्णिम विजय’ थीम नाम दिया गया है। 1971 के युद्ध में भारत की जीत के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में इस धुन को तैयार किया गया है। इस बार 15 सैन्य बैंड और रेजिमेंटल सेंटरों और बटालियनों के इतनी ही संख्या में ड्रम बैंड समारोह में शिरकत करेंगे।करीब 26 से ज्यादा संगीतमय कार्यक्रम ऐतिहासिक विजय चौक पर दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रम की समाप्ति सारे जहां से अच्छा की धुन से होगी। इसके अलावा नौसेना, वायुसेना और सशस्त्र पुलिस बलों का एक-एक बैंड भी इस समारोह में शामिल होगा।

गणतंत्र दिवस समारोह का होगा समापन

‘बीटिंग द रिट्रीट’ भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का सूचक है। इस भव्य समारोह में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं। हर साल गणतंत्र दिवस के बाद 29 जनवरी की शाम को ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह का आयोजन किया जाता है। रायसीना रोड पर राष्ट्रपति भवन के सामने यह प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले गणतंत्र दिवस समारोह का समापन बीटिंग रिट्रीट के जरिए होता है। इस कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति भवन, विजय चौक, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को सुंदर रोशनी से सजाया जाता है।

सेना की बैरक में वापसी का है प्रतीक

‘बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी’ सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है। जंग के दौरान सेनाएं सूर्यास्त होने पर अपने कैंप में वापसी करती थीं, इस समय एक संगीतमय समारोह होता था, इसको बीटिंग रिट्रीट कहा जाता है। भारत में बीटिंग रिट्रीट का प्रारंभ 1950 के दशक में हुआ था। उस वक्त भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट ने इस समारोह को सेनाओं के बैंड्स के डिस्प्ले के साथ पूरा किया था।