कांग्रेस नेताओं ने इस्तीफे के फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया.
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कलेक्टर की फटकार के बाद महिला अधिकारी ने पद से दिया इस्तीफा, कांग्रेस ने जिलाधिकारी के व्यवहार पर उठाए सवाल

इंदौर । कलेक्टर मनीष सिंह के द्वारा किए जा रहे अभद्र व्यवहार से दुखी होकर इंदौर जिले की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पूर्णिमा गडरिया ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेताओं का समूह इस महिला अधिकारी से मिलने के लिए पहुंचा। कांग्रेस नेताओं ने अधिकारी से अपना इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया है।

कांग्रेस ने जताया विरोध

बुधवार दोपहर बाद जैसे ही सोशल मीडिया पर डॉक्टर गडरिया के इस्तीफे की जानकारी वायरल होने लगी वैसे ही प्रदेश के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक संजय शुक्ला, विधायक विशाल पटेल और इंदौर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल एक साथ स्वास्थ्य विभाग के एमटीएच कंपाउंड स्थित कार्यालय में डॉक्टर गडरिया से मिलने के लिए पहुंचे।

कांग्रेस नेताओं ने जब इस महिला अधिकारी से इस्तीफा देने का कारण पूछा तो अधिकारी ने बताया कि लगातार कलेक्टर के द्वारा खराब व्यवहार किया जा रहा है। मीटिंग में और सार्वजनिक रूप से अभद्र शब्दावली का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि मैं प्रथम श्रेणी के अधिकारी हूं । मेरे द्वारा सीएमएचओ के रूप में कोरोना के संक्रमण काल में बहुत ज्यादा काम किया गया है। इसके बाद भी कलेक्टर के द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है । अपने साथ किए जा रहे व्यवहार के किस्से सुनाते हुए उक्त महिला अधिकारी रो पड़ी।

फैसले पर पुनर्विचार का किया आग्रह

कांग्रेस नेताओं ने इस अधिकारी से आग्रह किया है कि आप अपने इस्तीफे के फैसले पर पुनर्विचार कीजिए । इसके साथ ही इस्तीफा वापस लेने और काम करते रहने का भी आग्रह किया गया। महिला अधिकारी से मुलाकात के पश्चात कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में इस समय मुख्यमंत्री के पसंदीदा गिने-चुने अधिकारियों की सरकार चल रही है।

इन अधिकारियों की मनमानी सिर चढ़कर बोल रही है। इन अधिकारियों के द्वारा अपने मातहतों के साथ कितना घटिया व्यवहार किया जा रहा है यह इस घटना से स्पष्ट होता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपनी सरकार के कार्यकाल में हो रहे इस गंदे व्यवहार की जवाबदारी लेना चाहिए । इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं के द्वारा इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।