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मोहब्बत ने तोड़े रस्मो-रिवाज, निकाह भी हुआ और सात फेरे भी

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बागपत। मोहब्बत जब परवान चढ़ती है तो वो हर सीमाओं को पार कर जाती है और अपने रास्ते में आने वाली हर सरहद को तोड़ देती है। प्यार अपनी मंजिल को हर मुश्किल को पारकर भी हासिल कर लेता है। ऐसा ही एक वाकिया बागपत में हुआ जहां प्रेमी जोड़े ने सात फेरे भी लिए और निकाहब भी किया।

ईंट भट्ठे पर हुआ प्यार

दो धर्मों के रीति रिवाज से शादी करने का मामला उत्तर प्रदेश में बागपत में सरूरपुरकलां गांव का है, जहां पर प्यार ईंट भट्ठे पर परवान चढ़ा, और दोनों विवाह के बंधन में बंध गए। गांव के अल्पसंख्यक समुदाय की युवती का बहुसंख्यक समुदाय के युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों परिवार ने आपसी सहमति से दोनों का निकाह करवा दिया। इस बात की सूचना जब हिंदू संगठनों को लगी तो उन्होंने हिंदू रीति रिवाज से विवाह की बात कही। इसके बाद प्रेमी जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे भी लिए।

दोनों धर्मों से किया विवाह

जानकारी के मुताबिक दोनों ईंट के भट्टे पर काम करते थे और वहीं से चार महीने पहले प्यार की शुरूआत हुई। दोनों के परिवार की रजामंदी से दोनों का विवाह तय हुआ। निकाह के बाद हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने जब आपत्ति ली तो युवती के परिवार ने हिंदू रीति से भी विवाह करवाया। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन दोनों परिवारों ने विवाह को संपन्न करवाया।