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मृदुभाषी की मुहीम का हुआ असर ,निगम कमिश्नर भगवान दास भूमरकर सस्पेंड

मृदुभाषी की मुहीम का हुआ असर ,निगम कमिश्नर भगवान दास भूमरकर सस्पेंड

बुरहानपुर। एक तरफ जहां इंदौर के बाद हर शहर स्वछता में नंबर वन आने के लिए अपने शहर को सुन्दर करने में लगा है। वही समाज के कुछ जिम्मेदार अधिकारी और जिन लोगों को शहर के स्वछता में चार चाँद लगाना चहिये। वही लोग अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे थे और अपने शहर को गंदगी के हवाले छोड़ दिया गया था। लेकिन वही मृदुभाषी न्यूज़ के माध्यम से अधिकारी की पोल खुलकर सबके सामने आ गयी। जिसके बाद बुरहानपुर के निगम कमिश्नर भगवान दास भूमरकर को सस्पेंड कर दिया गया ।

बतादें कि शहर की साफ सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब है, सड़कों पर आवारा पशु विचरण करते हैं। जिससे दुर्घटनाओं की संभावना रहती है। उक्त आवारा पशुओं की रोकथाम हेतु भूमरकर द्वारा कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। इसी प्रकार कोरोना महामारी के दृष्टिगत जन प्रतिनिधियों द्वारा शहर के समस्त नालों एवं वार्डो की आवश्यक साफ सफाई कराने की मांग की गई है। परन्तु आयुक्त द्वारा उक्त कार्य में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। वर्षाकाल प्रारंभ होने वाला है, किंतु आयुक्त द्वारा बाढ़ राहत कार्यों हेतु कोई कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत नहीं की गई है और न ही इस पर कोई कार्य प्रारंभ किया गया है । सफाई को लेकर लगातार मृदुभाषी के द्वारा खबरों को प्रकाशित किया गया और लोगों की परेशानियों को सामने लाया गया जिसके बाद डॉ.अभिताभ अवस्थी, उप सचिव मध्यप्रदेश शासन ने राज्यपाल के आदेश के बाद निगम कमिश्नर भगवान दास भूमरकर को सस्पेंड कर दिया गया ।

भुमरकर द्वारा उपरोक्तानुसार आयुक्त, नगर पालिक निगम, बुरहानपुर के रूप में अपने कर्त्तव्यों के प्रति की जा रही घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के दृष्टिगत कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी, बुरहानपुर तथा प्रशासक नगर पालिक निगम बुरहानपुर द्वारा उनके विरुद्ध निलंबन एवं कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की गई है ।