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समता युक्त व शोषणमुक्त समाज का निर्माण ही भाजपा का लक्ष्य-प्रभारी मंत्री इन्दरसिंह परमार

झाबुआ। भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित चतुर्थ ई प्रशिक्षण वर्ग वर्चुअल मीटिंग स्थानीय ऱायल गार्डन में आयोजित की गई । बैठक के पूर्व चतुर्थ ई प्रशिक्षण वर्ग का स्थानीय शुभारंभ जिले के प्रभारी मंत्री इन्द़र सिंह प़रमाऱ़ ,भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य निर्मला भुरीया,ओमप्रकाश शर्मा जिला महामंत्री सोमसिह सोलंकी, कृष्ण पाल सिंह गंगाखेडी,गोऱव खण्डेलवाल जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र उपाध्याय, सत्येंद्र यादव ,ने भारत माता श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया ।

उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मिडिया प्रभारी योगेन्द्र नाहर ने बताया कि चतुर्थ ई वर्चुअल वर्ग प्रशिक्षण शिविर को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश प्रदेश के ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा हमारा राष्ट्रीय संकल्प विषय पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों जिले के पदाधिकारियों जिला कार्यकारिणी सदस्यों मोर्चा के अध्यक्ष महामंत्रियो मंडल अध्यक्षो मंडल महामंत्रियो जिला पंचायत सदस्यों पार्षदों एवं कायकर्ताओ को विषय से संबंधित उचित मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष शैलेष दुबे, पूर्व विधायक शांतिलाल बिलवाल, विजय नायर जिला कोषाध्यक्ष, महावीर भंडारी दोलत भावसार, जिला उपाध्यक्ष दुर्गा बेन पडियार, सुनिता पंवार,सहित जिले के सैकड़ों अपेक्षित कायकर्ताओ पदाधिकारियों की उपस्थिति ऱही।अंत मे आभार प्रवीण सुराणा द्वारा व्यक्त किया गया । कार्यक्रम के पश्चात प्रभारी मंत्री द्वारा कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया गया ।

भारतीय जनता पार्टी की वर्चुूअल बैठक के बाद स्थानीय रॉयल गार्डन में प्रभारी मंत्री इन्दरसिंह परमार ने कांग्रेस को आडे हाथ लेते हुए कहा कि मोदीजी के विरोध में कांग्रेस देश की सेना का विरोध कर रही हेै । उन्होने आगे कहा कि वर्ष 1800 में भारतीय समाज की फुट के कारण, प्राकृर्तिक संपदा के भंडार पर व्यापार के बहाने अंग्रेजों द्वारा यहां की प्राकृर्तिक संपदा को उनके देश में ले जाने का कार्य किया गया । इस देश को सोने की चिढीया कहा जाता था, यहां के ज्ञान का भंडार, श्रेष्ठ जीवन पद्धति के साथ छल करने का प्रयास अंग्रेजों द्वारा किया गया । भूमि सुधार एवं शिक्षा सर्वेक्षण कानून बना कर उन्होने भारत की जनता के साथ छल किया । मंत्री ने मैकाले की शिक्षा पद्धति पर भी प्रश्नवाचक चिन्ह लगाया । एवं कहा कि 12 वर्ष तक भारत का भ्रमण करने के बाद मैकाले की शिक्षा पद्धति को अंग्रेजो ने इस देश पर थोपा था । कार्यकर्ताओं से मंत्री ने रूबरू मुलाकाते भी की ।