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नितिन पटेल का फिर छलक उठा दर्द, वाघेला ने कही यह बात

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गांधीनगर। गुजरात में नई सरकार के गठन के दौरान मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे बताए जाते रहे नितिन पटेल पहले प्रमोशन नहीं मिलने से निराश थे तो अब उपमुख्यमंत्री का पद भी चले जाने से उनका दर्द और बढ़ गया है। दिग्गज पाटीदार नेता नितिन पटेल ने भले ही ही सार्वजनिक तौर पर अपने रूष्ट होने की बात से इनकार करते हैं, लेकिन कुरेदने पर मन की बात जुबान पर आ जाती है।

नितिन पटेल ने दार्शनिक अंदाज में दिया जवाब

पटेल नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के दौरान राजभवन के समारोह के मंच पर तो रहे पर बाहर आने पर जब पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे तो उनकी तल्खी जुबान पर आ गई। उनसे जब पुराने मंत्रियों और उनके समर्थकों की नाराजगी के बारे में पूछा गया तो पहले तो उन्होंने बहुत ही दार्शनिक अंदाज में कुछ खोने से दु:ख और पाने से सुख होने की बात कही और इसे दुनिया का स्वाभाविक नियम बताया।

शंकरसिंह वाघेला से मुलाकात की खबर

हालांकि उनका चेहरा खासा मुरझाया सा था। पर इससे पहले उन्होंने खुद के सरकार में नहीं होने पर लोगों के दिलों में होने और किसी के वहां से नहीं निकाल पाने की बात भी दोहरायी थी। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि वह पार्टी के नाराज समर्थकों को मनाने के लिए क्या करेंगे तो उनकी दुखती रग दब गई। धुर मोदी विरोधी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला से मुलाकात की खबरों के बीच बुधवार को लगभग पूरे दिन अकेले अपने निवास में रहे पटेल ने तल्ख लहजे में कहा कि अगर कोई नाराज है तो उसे देखना मेरी जिम्मेदारी नहीं हैं। इसे अब अभी के नेतृत्व को देखना होगा।