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दिव्यांगों ने दिखाया हुनर, मैदान में की चौकों-छक्कों की बरसात

दौर। विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर इंदौर शहर के आईटीआई मैदान पर प्रदेश स्तरीय व्हीलचेयर चैंपियनशिप का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश की कुल 5 टीमें इंदौर भोपाल उज्जैन व दो स्टैंडिंग टीम हिस्सा ले रही हैं, दो दिवसीय टूर्नामेंट में जीतने वाली टीम को इनामी राशि से भेंट की जाएगी।

शहर में इससे पहले इतने बड़े स्तर पर विकलांगों के लिए इस प्रकार की कोई बड़ी क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित नहीं की गई थी यह पहला मौका है जब किसी क्रिकेट टूर्नामेंट में प्रदेश के 75 विकलांग खिलाड़ी अपनी भागीदारी दे रहे हैं। इस प्रतिस्पर्धा को करवाने के लिए खिलाड़ियों द्वारा विगत 4 वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे लेकिन उनकी यह कोशिश अब जाकर पूरी हुई है। इस टूर्नामेंट को कराने में मृदुभाषी की भी सराहनीय भूमिका रही है, वही खिलाड़ियों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन और भी बड़े स्तर पर किए जाने चाहिए ताकि विकलांग लोग भी समाज में अपनी भागीदारी दे सके और इस फीचर क्रिकेट टूर्नामेंट से हम काफी खुश हैं।

इस क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला मैच इंदौर डिविजन और भोपाल डिवीजन की टीमों के बीच हुआ टूर्नामेंट में कुल 5 टीमें हिस्सा ले रही हैं और खिलाड़ियों की संख्या की बात की जाए तो कुल 75 खिलाड़ी अपना प्रदर्शन दिखाएंगे। प्रतिस्पर्धा का फाइनल मैच 3 दिसंबर यानी कि विश्व विकलांग दिवस के दिन होगा और जीतने वाली टीम को इनाम राशि भेंट की जाएगी।

प्रतिस्पर्धा के इस आयोजन की सबसे मुख्य बात खिलाड़ियों का जोश है क्योंकि इनकी मेहनत की बदौलत ही यह कार्यक्रम आयोजित हुआ है जिला खेल अधिकारी जोसेफ बक्से ला के अनुसार व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर ले जाने का हमारा प्रयास रहेगा।

शारीरिक रूप से भले ही यह सभी खिलाड़ी विकलांग है लेकिन इनका जोश और उत्साह एक आम जनमानस से कई गुना ज्यादा है खेल के प्रति इन विकलांग खिलाड़ियों की निष्ठा को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है की इंसान अगर एक बार कुछ कर गुजरने की ठान ले तो आज नहीं तो कल वह सफल जरूर होगा।