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अंतिम संस्कार से पहले चलने लगी सांसें, अर्थी से उठाकर किया आईसीयू में भर्ती

शवयात्रा की तैयारी से पहले अचानक कारोबारी की सांसे चलने लगी।

उज्जैन। उज्जैन में डॉक्टरों की लापरवाही का अजीब मामला सामने आया है। जिस शख्स को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था उसकी अंतिम संस्कार से पहले अचानक सांसे चलने लग गई। परिजन डॉकरों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग कर रहे हैं।

इंदौर के अस्पताल ने किया मृत घोषित

कृषि उपज मंडी के प्रतिष्ठित व्यापारी नारायण अग्रवाल की आज सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु होने की खबर जैसे ही मंडी में फैली व्यापारियों में शोक की लहर छा गई और मंडी की नीलामी 1 घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। उनके इंदिरा नगर स्थित निवास के आसपास की दुकानें भी शोक स्वरूप बंद हो गई| दोपहर बाद रिश्तेदार समाजजन एवं मंडी के समस्त व्यापारी श्री अग्रवाल के इंदिरा नगर स्थित निवास पर एकत्रित होने लगे शाम 5 बजे उनकी शव यात्रा सज कर तैयार हो गई शव वाहन भी घर के बाहर आकर खड़ा हो गया।

अस्पताल के आईसीयू में किया भर्ती

बैंड बाजों में भी राम नाम की धुन बजने लगी और जैसे ही उन्हें उनके अंतिम संस्कार के लिए शमशान ले जाने के लिए परिवारजन खड़े थे कि इंदौर से उज्जैन उनके शव को लेकर आई एंबुलेंस में उनकी सांसे चलती हुई दिखाई दी यह सुनकर शवयात्रा में चलने को तैयार खड़े लो अचंभित हो गए और तुरंत तीन बत्ती चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए जहां डॉक्टरों ने परिवारजनों को बताया कि वह अभी जीवित अवस्था में है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।

मरीज को आईसीयू में निगरानी में रखा गया है | नारायण अग्रवाल मंडी के एक प्रतिष्ठित व्यापारी होने के कारण लीवर सर्जरी के दौरान उनकी मृत्यु होने की सूचना पूरे शहर में फैल गई थी| उल्लेखनीय है कि विगत 15 दिनों से उनका इलाज इंदौर शहर के एक सबसे प्रतिष्ठित हॉस्पिटल में चल रहा था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था इसके बाद उनके परिवारजन उनका शव लेकर उनके इंदिरा नगर स्थित निवास पर लेकर आ रहे थे और अर्थी सजा कर अंतिम संस्कार के लिए ले ही जा रहे थे कि अचानक उनके शरीर में कुछ हलचल दिखाई दी जिसके बाद उन्हें पुनः अस्पताल में भर्ती किया गया|

सूत्रों के मुताबिक इंदौर के बांबे हॉस्पिटल की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई जिसमें श्री अग्रवाल का जीवन बीमा होने के कारण अस्पताल द्वारा उनके इलाज का करीब 6 लाख की राशि भी प्रबंधन द्वारा कंपनी के माध्यम से जमा करा ली गई उसके बाद अग्रवाल के शरीर को मृत बताकर बॉडी परिवारजनों को सौंप दी | अभी इस मामले में बीमा कंपनी के अधिकारी भी उन डॉक्टरों को घेरने की तैयारी में है जिन्होंने श्री अग्रवाल को मृत घोषित किया था साथ ही अग्रवाल परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि वह इस मामले में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भी करेंगे|