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नौ चीनी इंजीनियरों की मौत से भड़का चीन, पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

बस दसू बांध पर काम कर रहे चीनी इंजीनियरों को लेकर जा रही थी।

बीजिंग। पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में बुधवार को एक बस को निशाना बनाकर जबरदस्त धमाका किया गया। हमले में 13 लोगों की मौत हो गई, मरने वालों में नौ चीनी नागरिक और एक पाकिस्तानी जवान भी शामिल हैं। बम धमाके के बाद चीन ने अपने दोस्त पाकिस्‍तान को जमकर लताड़ लगाई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता झाओ लिजिआन ने कहा कि इस हमले से चीन सदमे हैं और घटना की कड़ी निंदा करता है।

चीन ने पाक से की जांच की मांग

चीनी प्रवक्‍ता ने इमरान सरकार से इस पूरे मामले की गहनता से जांच की मांग की है। चीन ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में ये भी कहा है कि ईमानदारी के साथ चीन के नागरिकों और प्रोजेक्‍ट की रक्षा की जाए। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक हमला सुबह 7:30 बजे हुआ। बस दसू बांध पर काम कर रहे चीनी इंजीनियरों को लेकर जा रही थी। बस में 30 इंजीनियर और कर्मचारी सवार थे। बस की सुरक्षा पाकिस्तानी सैनिक कर रहे थे। अचानक बस में ब्लास्ट हुआ।डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद आरिफ ने बताया कि जांच की जा रही है।

गृहमंत्री शेख रशीद दे सकते हैं बयान

पाकिस्‍तान ने पहले इस घटना को एक हादसा बताकर छिपाने का प्रयास किया, लेकिन चीनी दूतावास ने इस बात की पुष्टि की है कि यह बम हमला था। इसके बाद इमरान खान के संसदीय सलाहकार बाबर अवान ने भी बम धमाके की पुष्टि की। अवान ने इसे एक कायराना हमला करार दिया। उधर, पाकिस्‍तान के गृहमंत्री शेख रशीद जल्‍द ही इस घटना पर बयान दे सकते हैं। चीन अरबों डॉलर की सीपीईसी योजना के तहत पाकिस्‍तान में कई परियोजनाओं को अंजाम दे रहा है. स्‍थानीय लोग चीन की इन परियोजनाओं का विरोध कर रहे हैं।

चीन के राजदूत को भी बनाया था निशाना

कुछ महीने पहले ही क्वेटा में विद्रोहियों ने चीन के राजदूत को निशाना बनाते हुए एक होटल को विस्फोटकों से उड़ा दिया था। विद्रोहियों को सूचना मिली थी की चीनी राजदूत क्वेटा के सेरेना होटल में ठहरे हुए हैं। हालांकि हमले के समय वे इस होटल में मौजूद नहीं थे। इस धमाके में कम से कम पांच लोग मारे गए थे।