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इंदौर के बाद उज्जैन की सड़कों पर नर्सिंग स्टाफ ने मांगी भीख

इंदौर के बाद उज्जैन की सड़कों पर नर्सिंग स्टाफ ने मांगी भीख

उज्जैन। कोरोना महामारी ने शासन प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं को घुटने पर टेक दिया था। उस वक्त भी मध्य प्रदेश में नर्सिंग स्टाफ अपनी जान की पर्वा किए बगैर अपनी ड्यूटी कर रहा था,और लगातार करता आ रहा है। लेकिन उज्जैन से एक ऐसा द्रश्य सामने आया है, जो अपने आप में बेहद शर्मसार करने वाला है। उज्जैन की सड़को पर कोरोना वॉरियर्स नर्सिंग स्टाफ भीख मांगते हुए दिखाई दिया है ।

राज्य सरकार करेगी निर्णय

बीते दिन इंदौर शहर में नर्सिंग स्टाफ द्वारा सड़को पर भीख मांग कर प्रदर्शन किया गया था । कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए संविदा पर रखे गए डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के सदस्यों का शासन की दोहरी नीतियों के विरोध में आंदोलन लगातार जारी है। गुरुवार को भी इन डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के सदस्यों ने चरक अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उज्जैन में भी इन अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों ने भीख मांगकर प्रदर्शन किया । हालांकि कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है कि अस्थाई स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति का मामला नीतिगत है। इस पर राज्य सरकार निर्णय करेगी ।

नर्सिंग स्टाफ ने लगाया आरोप सरकार कर रही सौतेला व्यवहार

वहीं कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए संविदा पर रखे गए इन डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के सदस्यों का आरोप है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। स्वास्थ्य कर्मी नर्सिंग स्टाफ और प्रशासन के बीच यह अनबन उज्जैन के साथ साथ मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी जारी है। अब देखना यह है की यह संघर्ष कोई निश्चित मुकाम पर पहुँचता है या नहीं ।