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आखिर क्यों मंत्री तोमर ने कहा कि इन सब के लिए मैं 21 बार गया जेल

प्रद्युमन सिंह तोमर

अशोकनगर.  व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए चर्चित मध्य प्रदेश  के ऊर्जा मंत्री जब अशोकनगर जिले के प्रभारी मंत्री बन कर पहली बार आये तो शुरू से ही सरकारी तंत्र पर नकेल कसने की अपनी मंशा जाहिर कर गए। एक दिन की यात्रा पर आए प्रभारी मंत्री तोमर ने सबसे पहले अपने ही बिजली विभाग के टेढे खंबे एवं टूटी लाइन पर विभागीय अधिकारियों को फटकारा तो देर रात जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं को देख उन्हें सुधरवाने के लिये गांधी गिरी पर उतर आए।

दरसअल इमरजेंसी वार्ड की कमियों से खफा मंत्री को सिविल सर्जन ने बहाने बनाने शुरू किए। तो मंत्री तोमर ने अपने गले में पहनी माला को सिविल सर्जन डॉ. एस एस त्रिवेदिया को पहना कर कहा इन सभी चीजों को लेकर में 22 बार जेल गया हूं।

 मंत्री तोमर जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के लिए सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। जहां सिस्टर एवं सिविल सर्जन से आकस्मिक उपचार के लिए रखी दवाइयों के बारे में पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके साथ कुछ और चीजों पर भी मंत्री खफा दिखे।

आखिर में जब आईसीयू वार्ड में गए तो मंत्री को एसी बंद मिला और दूसरी व्यवस्थाएं भी माकूल ना मिलने पर खफा होने की जगह गांधीगिरी पर आते हुए उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि मैं आपसे निवेदन कर रहा हूं कि आईसीयू वार्ड तो कम से कम ऐसा लगे कि आईसीयू है और कहते कहते अपने गले में पहनी माला को सिविल सर्जन के गले में डाल दिया। लगातार डॉक्टर, मंत्री तोमर को अव्यवस्थाओं को लेकर बहाने बनाने की कोशिश कर रहे थे, इसी को लेकर मंत्री को कहना पडा व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए वे लगातार काम करते रहे हैं और एक-एक चीज के बारे में अच्छे से जानते हैं। इसी कारण उनको 21 बार जेल भी जाना पड़ा है।

प्रभारी मंत्री प्रद्युमन तोमर ने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान विधायक जजपाल सिंह जज्जी की विधायक निधि से बने माधव उद्यान का लोकार्पण किया एवं बच्चों के लिए बनाए गए आईसीयू वार्ड का भी निरीक्षण किया।

मृदुभाषी के लिए अशोकनगर से विवेक शर्मा की रिपोर्ट