आखिर क्या है हरियाली दीदी की बाड़ी?

बड़वाह. केंद्र सरकार ने जब से पुरे देश में स्वच्छता अभियान लागू किया है, तभी से अलग-अलग क्षेत्रों में नए नए तरीकों को अपना कर वेस्ट मेनेजमेंट के साथ वेस्ट को रियुज करने के प्रयास किए जा रहे है। ऐसा ही मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में देखने को मिला है जहाँ घर पर ही कचरे से जैविक खाद बनाने के लिए जागरूकता बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।

सनावद नगरपालिका और सहयोगी संस्था अलाइड सॉल्यूशंस सर्विसेज के प्रयासों से नगर में कचरे से जैविक खाद बनाने के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। जैविक खाद निर्माण की दिशा में प्रीति वर्मा माली ने सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रीति ने जैविक खाद के उपयोग से एक दर्शनीय हरा-भरा बगीचा तैयार किया है। प्रीति ने अपने उपवन का नाम हरियाली दीदी की बाड़ी रखा है। प्रीति पिछले दो सालों से जैविक खाद बनाकर घर के बगीचे में डालती आ रही है। बता दे नगरपालिका और अलाइड सोल्यूशंस द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के तहत 25 अगस्त तक नागरिकों के सहयोग से घरों में जैविक खाद निर्माण अभियान चलाया जा रहा है।

मृदुभाषी के लिए विपिन जैन की रिपोर्ट