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12 वीं का छात्र ही निकला 9 वीं की छात्रा का किडनैपर

नाबालिग का अपहरण

इंदौर. 12 जुलाई 2021 का दिन इंदौर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रहने वाले दो परिवार कभी नहीं भूल पायेगें। दरअसल, 12 जुलाई को ही एक 9 वीं की छात्रा को 12 वीं में पढ़ने वाले छात्र ने अपहरण कर लिया था, इसके बाद लड़के की गुमशुदगी का मामला तुकोगंज थाना और मासूम बेटी की गुमशुदगी का मामला एमआईजी पुलिस के पास आया था।

पुलिस के लिए एक चुनौती थी क्योंकि मामला हाईप्रोफाइल परिवार से जुड़ा था पुलिस ने अपनी कई टाइम दोनों बच्चो को खोजने में लगाई और आखिरकार चंडीगढ़ के पास से दोनों नाबालिक छात्र-छात्रा को अपनी अभिरक्षा में लेकर इंदौर पहुंचे। 

दरअसल, सत्यसांई स्कूल में पढ़ने वाली 13 साल की मासूम ने जब परिजनों को अपने गुम होने की कहानी बताई तो सबके होंश उड़ गए क्योंकि गुम हुई बेटी ने परिजनों को बताया कि उसका अपहरण किया गया था ना कि वो अपनी मर्जी से नाबालिग छात्र के साथ गई थी। इधर, एमआईजी पुलिस ने नाबालिग छात्र पर अपहरण की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा मामला दर्ज होने के बाद गुमशुदगी का मामला अब अपहरण जैसे संगीन अपराध में तब्दील हो गया है।

ऐसे में अब सवाल ये उठ रहे है कि आखिर इस पूरी साजिश के पीछे कहानी क्या है ? बता दे कि पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद अपृहत छात्रा के माता-पिता ने मीडिया को जो बातें बताई वो चौंकाने वाली है। जहां मासूम बेटी के माँ ने प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर पुलिस का आभार माना और बेटी के मिलने पर खुशी जताते हुए अपनी कालोनी के रहवासियों का भी मुश्किल घड़ी में साथ देने के शुक्रिया अदा किया। वही एमआईजी थाना प्रभारी विनोद दीक्षित ने बताया कि आरोपी नाबालिग छात्र पर अपहरण का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और उस पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, गुमशुदगी के मामले के अपहरण में तब्दील होने पर हर कोई हैरान है, क्योंकि कोई सोच भी नहीं सकता। ऐसा काम एक 17 साल के लड़के ने कर दिया ,अब इस मामले में कानून अपना काम करेगा लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद सभी को होशियार हो जाना चाहिये क्योंकि डिजिटल युग में कौन आपके अपनो को बहला फुसलाकर कर ले जाये इस बात का भरोसा नहीं है।

मृदुभाषी के लिए इंदौर से चंकी बाजपेयी की रिपोर्ट