नई दिल्ली। त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है। देश की प्रमुख उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियां 1 अक्टूबर 2026 से एयर कंडीशनर (AC), LED टीवी, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और अन्य घरेलू उपकरणों की कीमतों में 5% से 8% तक बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं।
कंपनियों का कहना है कि तांबा (Copper), स्टील, एल्युमिनियम, कच्चे तेल (Crude Derivatives) की बढ़ती कीमतें, डॉलर की मजबूती, माल ढुलाई (Freight) खर्च और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया है।

कई बड़ी कंपनियों ने किया ऐलान
ब्लू स्टार ने AC और डीप फ्रीजर की कीमतें 5-8% तक बढ़ा दी हैं।
डाइकिन ने 16 सितंबर से AC के दाम 8-10% बढ़ा दिए हैं।

हायर इंडिया 1 अक्टूबर से RAC (रूम एयर कंडीशनर) की कीमतों में 5% बढ़ोतरी करेगी। इसके बाद दिसंबर और जनवरी में भी 5-5% की अतिरिक्त बढ़ोतरी की योजना है। यानी जनवरी तक कुल 15% तक कीमतें बढ़ सकती हैं।
सुपर प्लास्ट्रोनिक्स (Thomson, Kodak और Blaupunkt ब्रांड) अक्टूबर के बाद टीवी की कीमतें लगभग 7% बढ़ाने की तैयारी में है।
गोदरेज एप्लायंसेज ने भी संकेत दिए हैं कि विभिन्न उत्पाद श्रेणियों में 5-7% तक दाम बढ़ाना लगभग तय है।
LG और Hitachi ब्रांड के AC की कीमतों में भी करीब 5% की वृद्धि की जा चुकी है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पिछले एक वर्ष में तांबे की कीमत 8-9 हजार डॉलर प्रति टन से बढ़कर करीब 14,500 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई है। एक एयर कंडीशनर में औसतन 3 से 4 किलोग्राम तांबे का उपयोग होता है, जिससे निर्माण लागत पर सीधा असर पड़ा है।
इसके अलावा स्टील, प्लास्टिक, एल्युमिनियम और अन्य कच्चे माल की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हुई है।
त्योहारी सीजन में कितना पड़ेगा असर?
उद्योग का मानना है कि ओणम, दशहरा और दीपावली के दौरान सालभर की कुल बिक्री का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। हालांकि कंपनियों का कहना है कि डीलरों के पास पुराने स्टॉक उपलब्ध हैं, इसलिए दीपावली तक कई जगह पुराने दामों पर उत्पाद मिल सकते हैं, लेकिन इसके बाद नई कीमतें पूरी तरह लागू हो जाएंगी।
उपभोक्ताओं के लिए क्या सलाह?
यदि आप AC, LED टीवी, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर या अन्य घरेलू उपकरण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 30 सितंबर से पहले खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि अक्टूबर से अधिकांश कंपनियां नई कीमतें लागू करने की तैयारी में हैं।
मृदुभाषी | बिजनेस डेस्क






