‘गोरे-गोरे गाल’ और ‘कजरारे’ गानों पर विश्वविद्यालय में मचा बवाल, कुलगुरु ने बिठा दी जांच

गुना के क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय में हाल ही में आयोजित एक फेयरवेल पार्टी छात्रों के लिए यादगार तो बना ही, साथ ही अब विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बन गया है! इस कार्यक्रम में जब मंच पर फूहड़ और मसालेदार गानों की धुनें गूंजीं, तो दर्शक दीर्घा में बैठे छात्र भी खुद को रोक नहीं पाए और सीटियों की गड़गड़ाहट के साथ जमकर थिरके। लेकिन अब यह मस्ती प्रशासन की नजरों में खटक गई है और इस पर बड़ा एक्शन लिया गया है।
बीती 21 सितंबर को क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। इस फेयरवेल पार्टी के दौरान मंच पर “बड़ी मुश्किल बाबा…”, “गोरे-गोरे गालों पर काला-काला तिल” और “कजरारे-कजरारे…” जैसे गानों पर जोरदार नृत्य प्रस्तुत किया गया। इन गानों की धुनों और प्रस्तुति पर नीचे बैठे छात्रों ने भी जमकर सीटियां बजाईं और कार्यक्रम का आनंद लिया।
हालांकि, यह पूरा वाकया और इससे जुड़े वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं।
मामला तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलगुरु डॉ. किशन यादव ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एक जांच समिति का गठन कर दिया है।
बनाई गई यह जांच कमेटी पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल करेगी और ठीक सात दिन के भीतर कुलगुरु को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस फूहड़ नृत्य और अनुशासनहीनता के लिए कौन जिम्मेदार है, जिसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल, विश्वविद्यालय परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक इस ‘फेयरवेल कांड’ की ही चर्चा है, और अब सभी की निगाहें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं!










