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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शिक्षाविदों और उद्योगपतियों के अलावा संघ के स्वयं सेवकों से चर्चा की

इंदौर। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इंदौर प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को शहर के कुछ शिक्षाविदों और उद्योगपतियों के अलावा संघ के चुनिंदा जमीनी स्तर के स्वयं सेवकों से चर्चा की।

बतादें कि सुबह करीब 8 बजे से रात करीब 9.30 बजे तक अलग-अलग समय पर मुलाकातों का दौर चलता रहा। देश की नई शिक्षा नीति को लेकर संघ प्रमुख ने शिक्षाविदों की राय जानी। उन्होंने बताया नई नीति युवाओं को हुनरमंद बनाने में असरकारक साबित होगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां, उनके परिणाम और समाज के विभिन्न वर्गों के इनसे जुडऩे के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षाविदों के अलावा कुछ उद्योगपतियों को भी रामबाग स्थित संघ के अर्चना कार्यालय बुलवाया गया था। कोरोना काल में बिगड़े आर्थिक हालातों में उद्योगों की स्थिति पर तो बात हुई साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने का मुद्दा भी उठा। मिली जानकारी के अनुसार भागवत गुरुवार सुबह विमान से दिल्ली रवाना होंगे।

भागवत ने मूक-बधिर स्वयं सेवकों के लिए सांकेतिक भाषा में संघ की प्रार्थना का विमोचन किया। अब संघ की शाखाओं में मूक-बधिर भी प्रार्थना कर सकेंगे। साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित ने यह प्रार्थना तैयार की थी। दोनों की भागवत से मुलाकात भी हुई।

पिछले करीब पांच साल से ज्ञानेंद्र पुरोहित इसे तैयार कर रहे थे। मोनिका ने बताया, चर्चा के दौरान हमने जानकारी दी है कि इंदौर में देश का एकमात्र मूक-बधिर थाना (तुकोगंज में) संचालित किया जा रहा है। आनंद सर्विस सोसायटी इसे चला रही है। भागवत से देश के अन्य शहरों में भी ऐसे थाने खुलवाने के विषय में चर्चा की गई।