रतलाम में कोविड,डेंगू के लक्षण मिलने पर इसकी सूचना स्वास्थ विभाग को देना होगी

रतलाम। रतलाम जिले में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने कोविड की तीसरी लहर की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए जिले के निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत मीना सिंह, डीन मेडिकल कॉलेज डॉ, जितेंद्र गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे, सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रमोद प्रजापति, डीपीएम डॉ. अज़हर अली, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल एवं जिले के निजी अस्पतालों के चिकित्सक आदि उपस्थित रहे।

कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने निर्देशित किया कि सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में आगामी कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंकाओं को दृष्टिगत रखते हुए उपलब्ध संसाधनों की पूर्व तैयारियां की जाए। इसके लिए सभी निजी अस्पतालों में उपलब्ध ऑक्सीजन बेड, वेंटीलेटर, पीडियाट्रिक वार्ड,एनआईसीयू, पीआईसीयू,पीडियाट्रिक वेंटिलेटर की उपलब्धता संबंधित डेटाबेस बनाने के लिए डीपीएम डॉ. अज़हर अली को तीन दिवस में जानकारी प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में चेक लिस्ट तैयार की जाएगी।

जिले के सभी फ्रंट लाइन वर्कर्स, सरकारी और निजी अस्पताल के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता और उनके परिवार जनों का प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 वैक्सीनेशन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। सभी प्राइवेट संचालकों को निर्देशित किया गया कि किसी भी बच्चे में यदि संभावित कोविड-19 लक्षण पाए जाते हैं, तो तत्काल मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं आईडीएसपी शाखा को तत्काल अवगत कराएंगे। इसी प्रकार डेंगू के संदिग्ध मिलने पर भी तत्काल सूचना अनिवार्य रूप से दी जाए। डीन मेडिकल कॉलेज को निर्देशित किया गया कि पेरीफेरी में कार्य कर रहे चिकित्सकों को वेबीनार के माध्यम से पीडियाट्रिक ट्रीटमेंट प्रोटोकोल के बारे में जानकारी हेतु ऑनलाइन वेबीनार रखा जाए। उसमें निजी अस्पतालों के पीडियाट्रिक एक्सपर्ट से भी प्रोटोकॉल की जानकारी शेयर की जाए।

कलेक्टर ने सभी से अनुरोध किया कि कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए हमें तैयार रहना होगा। गवर्नमेंट और प्राइवेट दोनों चिकित्सकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा, प्राइवेट अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ के प्रशिक्षण हेतु शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम को प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। उन्हें बच्चों के कोविड-19 से ग्रसित होने पर उपचार की प्रॉपर ट्रेनिंग दी जाएगी। कलेक्टर द्वारा उपस्थित सभी अस्पताल संचालकों अधिष्ठाता मेडिकल कॉलेज, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आपसी समन्वय से कोविड-19 की तीसरी लहर की तैयारी हेतु प्रयास करने के निर्देश दिए गए ताकि समय आने पर किसी प्रकार की हड़बड़ी या अफरा-तफरी ना फैले एवं उस समय मिलने वाले सभी कोविड-19 मरीजों का समुचित उपचार एक प्रकार से किया जा सके ।