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इंदौर नगर निगम ने टैक्स में की बढ़ोत्तरी, शुरू हुआ विरोध

इंदौर। इंदौर देश में लगातार चार बार से सबसे स्वच्छ शहरो की सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है, उसी स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ते हुए इंदौर को पांचवी बार नंबर वन बनाने के लिए इंदौर नगर निगम ने जनता की जेब से दुगना पैसा खींचने की शुरुआत कर दी है, दरअसल इंदौर नगर निगम ने कचरा शुल्क और जल कर टैक्स में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। साथ ही सीवरेज शुल्क के रूप में नया कर लगाने का भी ऐलान किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि कल से यानी 1 अप्रैल से नई दरें लागू भी हो सकती है। दूसरी ओर कोरोना महामारी के दौर में टैक्स में बढ़ोतरी को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है।

पूर्व महापौर ने सीएम शिवराज को पत्र लिख जताई आपत्ति

इंदौर नगर निगम द्वारा कर बढ़ाये जाने पर बीजेपी विधायक और पूर्व महापौर मालिनी गौड़ ने भी आपत्ति जताई, सीएम शिवराज सिंह को पत्र लिखते हुए कहा की कर बढ़ाये जाने का निर्णय बिल्कुल भी जनता के हित में नही, कर बढ़ाने के पहले जनप्रतिनिधियों से चर्चा नही की गई, पूर्व महापौर मालिनी गौड़ ने कहा की मेरे 5 साल के महापौर कार्यकाल में कर नही बढ़ा था, निगम की आय बढ़ाने के और भी साधन है।

कांग्रेस ने जताया विरोध

इंदौर से कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने इसे जनता की रीढ़ तोड़ने वाला बताया है। शुक्ला ने कहा कि कोरोना काल में टैक्स में बढ़ोतरी कर लोगों को परेशान किया जा रहा है, वो भी तब जबकि निगम परिषद नहीं है और चुनाव टाले जा रहे है। शुक्ला ने कहा कि सोशल मीडिया पर मुहिम चलाकर वे अधिकारियों के इस निर्णय का विरोध करेंगे, संजय शुक्ला के साथ विधायक विशाल पटेल ने भी इस निर्णय के खिलाफ आवाज बुलंद की है और निगम अधिकारियों से मांग की है कि वे चुंगी क्षति पूर्ति की बकाया 400 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदेश सरकार से वसूले। बता दें कि इंदौर नगर निगम ने कचरा संग्रहण शुल्क प्रति माह 300 रु कर दिया है, इसके अलावा जल कर भी 400 रुपये प्रति माह किया है। वहीं सीवरेज लाइन जोड़ने का टैक्स 240 रुपए वसूलने की तैयारी की है।