दिग्गजों की हिरासत और वकीलों की गिरफ्तारी के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज
दिल्ली में पुलिस छावनी में तब्दील जंतर-मंतर, तीन पूर्व सीएम समेत कई नेता हिरासत में

मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights)
दिग्गज नेताओं और संस्थापकों की हिरासत: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को दिल्ली में हिरासत में लिया गया है। इससे पहले CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को भी एयरपोर्ट पर रोक लिया गया।
बड़ी संख्या में समर्थकों की गिरफ्तारी: यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित लगभग 1000 समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें भी लगाई गई हैं।
आंदोलन का अगला नेतृत्व: गिरफ्तारी से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि उनकी अनुपस्थिति में अब इस आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे संभालेंगे।
पारिवारिक संकट और पुलिस का विकल्प: दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दे दी है, जिसके बाद उन्हें यह तय करना है कि वे हिरासत में रहेंगे या अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र लौटेंगे।
सड़कों पर विरोध और नेताओं का मार्च: भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई प्रमुख चेहरे INA से जंतर-मंतर की ओर विरोध मार्च पर निकले।
अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज के गंभीर आरोप: ज्यां द्रेज ने अत्यधिक सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को सुरक्षा का नहीं, बल्कि वोट देने का अधिकार छिने जाने की सच्चाई उजागर होने का डर है।
वकीलों की गिरफ्तारी और CJI से दखल की मांग: सुप्रीम कोर्ट के पास प्रदर्शन कर रहे कई वकीलों को हिरासत में लिए जाने के बाद, ‘सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन’ ने CJI सूर्यकांत से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और SIR रोकने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आज होने वाले प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। आंदोलन में शामिल होने आ रहे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को दिल्ली में हिरासत में ले लिया गया है। इससे पहले CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही फ्लाइट से हिरासत में ले लिया गया था। इसके साथ ही, यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत लगभग 1000 समर्थकों को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें तक लगाई गई हैं, हालांकि कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़ने की भी खबर है।
अभिजीत दीपके का वीडियो संदेश और व्यक्तिगत संकट
गिरफ्तारी से पहले रिकॉर्ड किए गए अपने वीडियो संदेश में CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि उनकी हिरासत के बाद अब इस आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे संभालेंगे। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की दुखद सूचना दे दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब यह फैसला दीपके को लेना है कि वे आंदोलन का नेतृत्व जारी रखने के लिए हिरासत में रहना पसंद करते हैं या फिर अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र स्थित अपने घर लौटते हैं।

सड़क पर उतरीं प्रमुख हस्तियां, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक तरफ जहां भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शन को दबाने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता विरोध मार्च में जुट गए हैं। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, जाने-माने वकील प्रशांत भूषण, राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई लोग INA के पास से जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालते नजर आए, जिसमें नेहा बोरा एम्स से योगेंद्र यादव के साथ इस मार्च में शामिल हुईं। इस बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने इस भारी सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा है कि अत्यधिक सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण आम लोग प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को किसी हिंसा या सुरक्षा का खतरा नहीं है, बल्कि इस बात का डर है कि कहीं जनता को यह सच्चाई न पता चल जाए कि उनका वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है।
संभाजीनगर में परिवार का बयान और वकीलों की गिरफ्तारी पर विवाद
अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने संभाजीनगर (औरंगाबाद) में बयान देते हुए कहा कि उनके बेटे के साथ जो कुछ हो रहा है, उससे उन्हें बेहद दुख है। उन्होंने कहा कि अभिजीत देशहित में काम कर रहे हैं और सरकार का यह रवैया पूरी तरह गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि आंबेडकरवादी जनता सरकार के इन कृत्यों का माकूल जवाब देगी और इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उधर, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के संजय कुमार ने जानकारी दी है कि सुप्रीम कोर्ट के पास शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे कई वकीलों को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। वकीलों की इस तरह हुई गिरफ्तारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।









