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Birth Day Special: हीरो बनना चाहते थे प्रेम चोपड़ा

मुम्बई। प्रेम चोपड़ा 6 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर आते हैं। लाहौर में जन्मे प्रेम चोपड़ा की फैमिली विभाजन के बाद शिमला, हिमाचल प्रदेश शिफ्ट हो गई थी, जहां वे पले-बढ़े। स्कूलिंग उन्होंने शिमला से ही की।

प्रेम चोपड़ा ने पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। इस दौरान वे नाटकों में भाग लेते रहते थे। प्रेम चोपड़ा के पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन वे ग्रेजुएशन करने के बाद मुंबई आ गए और जल्द ही बॉलीवुड में एंट्री ले ली। इसी बीच कैंसर के चलते उनकी मां का निधन हो गया। इस दौरान उनकी बहन अंजू की उम्र महज 9 साल थी। अंजू की जिम्मेदारी अब प्रेम चोपड़ा, उनके अन्य चार भाई और पिता पर थी। प्रेम ने अंजू को अपनी पहली बेटी मान लिया और उनके पालन-पोषण में लग गए।

प्रेम चोपड़ा के 6 नाती-नातिन हैं। रकिता और राहुल नंदा की एक बेटी है, जिसका नाम रिशा है। वहीं, पुनीता और विकास भल्ला की एक बेटी सांची और बेटा वीर हैं। प्रेरणा और शरमन जोशी बेटी ख्याना और ट्विन्स विहान और वर्यान हैं।

प्रेम चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में कहा था, “बाकी एक्टर्स की तरह मैं भी शुरुआत में हीरो बनना चाहता था। कुछ पंजाबी फिल्मों में मैंने बतौर हीरो काम भी किया और वे पसंद भी की गईं, लेकिन हिंदी सिनेमा में मैंने जिन फिल्मों हीरो या सेंट्रल कैरेक्टर के तौर पर काम किया, वे फ्लॉप रहीं। अगर आपकी फिल्में फ्लॉप हो रही हैं तो इंडस्ट्री में ज्यादा मौके नहीं मिलते। मुझे निगेटिव रोल ऑफर हुए और मैंने उन्हें स्वीकार किया। दिलचस्प बात यह है कि इन रोल्स का जादू ऑडियंस पर चल निकला।”