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हजारों करोड़ के जमीन घोटाले में प्रशासन ने कसा शिकंजा, भूमाफियाओं का हुआ ऐसा हाल

प्रशासन को लंबे समय से इन माफियाओं के खिलाफ शिकायतें मिल रही थी।

इंदौर। इंदौर में अब तक कानून के ताक में रककर घूम रहे भूमाफियाओं पर प्रशासन और पुलिस ने अपनी नजरें टेड़ी कर दी है। हालात यह है कि गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया अपना ही घर छोड़कर भाग रहा हैं। बुधवार के बाद गुरुवार को भी देर रात खजराना पुलिस ने भूमाफियाओं के एक दर्जन ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। छापे की कार्रवाई के बाद इस मामले से जुड़े अधिकतर माफिया घर से फरार मिले। कुछ को हिरासत में भी लिया गया है।

6 हजार एफआईआर कराई गई दर्ज

इंदौर शहर में बीते 15 साल में चल रहे जमीन के अवैध कारोबार में 6 हजार एफआईआर दर्ज कराई गई है। भूमाफिया के चक्कर में 20 हजार लोगों के घर का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। गृह निर्माण संस्थाओं के माध्यम से लोगों के प्लॉट पर कब्जे का अवैध कारोबार लंबे समय से जारी है। माफिया अपने रसूखदार के दम पर प्लॉट धारकों से पैसा लेने के बाद भी प्लॉट नहीं देने, अवैध कब्जा करने और धमकी देकर करोड़ों रुपए के आसामी बन गए हैं। ऐसी ही संस्थाओं पर भूमाफिया कब्जा जमाए बैठे हैं, जिनपर अब कार्रवाई शुरू हुई है।

भूमाफियाओं के खिलाफ चल रहा है अभियान

गौरतलब है इन दिनों प्रदेश में भूमाफियाओं और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कई अपराधियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए उनके मकानों को ध्वस्त किया है और अपराधियों को शिकंजे के पीछे पहुंचाया है। प्रशासन के पास लंबें समय से जमीन पर कब्जा करने और जालसाजी की शिकायतें आ रही थी। इसके बाद जांच कर प्रशासन ने इस तरह का सक्त कदम उठाया है।