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रामानंद सागर की ‘रामायण’ के नल का निधन: इंदौर के गिरीश सेठ ने निभाए थे कई यादगार किरदार, अभिनय छोड़ योग और आध्यात्म की राह पर चले

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HIGHLIGHTS

रामानंद सागर की रामायण में नल का किरदार निभाने वाले इंदौर के अभिनेता गिरीश सेठ का निधन। दशरथ के मंत्री से लेकर ऋषि भारद्वाज तक निभाए कई किरदार।

इंदौर। रामानंद सागर के कालजयी टीवी धारावाहिक ‘रामायण’ में नल का किरदार निभाकर दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाले अभिनेता गिरीश सेठ का निधन हो गया। मध्य प्रदेश के इंदौर से ताल्लुक रखने वाले गिरीश सेठ ने अभिनय की दुनिया में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। हालांकि, उन्हें रामानंद सागर की ‘रामायण’ में निभाए गए किरदारों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। उनके निधन से धारावाहिक से जुड़ी पुरानी यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं।

गिरीश सेठ उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने रामायण जैसे लोकप्रिय धारावाहिक में एक से अधिक भूमिकाएं निभाकर अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया। दर्शकों ने उन्हें नल के रूप में देखा, लेकिन उनके अभिनय का दायरा केवल इसी किरदार तक सीमित नहीं था। उन्होंने धारावाहिक में अलग-अलग प्रसंगों के अनुसार कई भूमिकाएं निभाईं और कहानी को पर्दे पर जीवंत बनाने में योगदान दिया।

‘रामायण’ में नल के अलावा भी निभाए कई किरदार

रामानंद सागर द्वारा निर्मित ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के सबसे चर्चित धारावाहिकों में गिना जाता है। इस धारावाहिक ने अपने प्रसारण के दौरान देशभर में लोकप्रियता हासिल की थी। इसके पात्र और उनसे जुड़े कलाकार आज भी दर्शकों की स्मृतियों में बसे हुए हैं।

गिरीश सेठ ने इस धारावाहिक में नल की भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने राजा दशरथ के मंत्री और उनके डुप्लीकेट का किरदार भी निभाया था। बताया जाता है कि जब बाल घुंघराले सेठ पर नहीं आए थे, तब उन्होंने राजा दशरथ की भूमिका के लिए डुप्लीकेट का किरदार निभाया था।

उनकी अन्य भूमिकाओं में गंधर्व पुत्र, कबंध राक्षस और रावण के दरबारियों के किरदार भी शामिल थे। इस तरह एक ही कलाकार ने धारावाहिक के अलग-अलग प्रसंगों में विविध भूमिकाएं निभाईं।

‘उत्तर रामायण’ में ऋषि भारद्वाज बने थे

गिरीश सेठ का जुड़ाव केवल मूल ‘रामायण’ तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने ‘उत्तर रामायण’ में भी अभिनय किया था। इसमें उन्होंने ऋषि भारद्वाज की भूमिका निभाई थी। पौराणिक धारावाहिकों में अलग-अलग चरित्रों को निभाने का उनका अनुभव उनके अभिनय सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

ग्लैमर की दुनिया से बनाई दूरी, योग और आध्यात्म को चुना

अभिनय की दुनिया में काम करने के बाद गिरीश सेठ ने धीरे-धीरे ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली। उन्होंने जीवन में आध्यात्मिकता और सामाजिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी।

जानकारी के अनुसार, वे वर्तमान में योग गुरु के रूप में लोगों का मार्गदर्शन कर रहे थे। योग, मेडिटेशन और विपश्यना के माध्यम से लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे थे। वे ध्यान और विपश्यना शिविरों के आयोजन के माध्यम से भी लोगों से जुड़े हुए थे।

अभिनय से आध्यात्म की ओर उनका यह सफर उनके जीवन का एक अलग पहलू रहा। एक समय टेलीविजन के पर्दे पर पौराणिक पात्रों के रूप में नजर आने वाले गिरीश सेठ बाद के वर्षों में लोगों को योग और ध्यान के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने का मार्ग दिखाने में जुटे रहे।

इंदौर से था विशेष जुड़ाव

गिरीश सेठ मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले थे। अभिनय के क्षेत्र में पहचान बनाने के बावजूद उन्होंने बाद के जीवन में सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़कर अपनी अलग पहचान बनाई।

उनका जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि किसी कलाकार की पहचान केवल पर्दे पर निभाए गए किरदारों तक सीमित नहीं होती। समय के साथ व्यक्ति अपने जीवन में नई भूमिकाएं और उद्देश्य भी चुन सकता है।

रामायण के दर्शकों की यादों में रहेंगे गिरीश सेठ

रामानंद सागर की ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इस धारावाहिक के कलाकारों ने अपने अभिनय से कई पीढ़ियों के दर्शकों के मन में जगह बनाई। गिरीश सेठ भी उन्हीं कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने एक से अधिक भूमिकाओं के माध्यम से इस धारावाहिक में योगदान दिया।

उनके निधन के साथ रामायण से जुड़ा एक कलाकार जीवन के मंच से विदा हो गया। नल सहित उनके द्वारा निभाए गए विभिन्न किरदार और अभिनय की यादें दर्शकों के बीच बनी रहेंगी।

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