मृदुभाषी, भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। बैठक में 23 हजार 288 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की निरंतरता को मंजूरी दी गई। इसके अलावा धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 4 नवंबर कर दी गई है। प्रदेश में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने, ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के तहत निशुल्क रजिस्ट्री का लाभ देने और किसानों को नीलगाय व हिरण से होने वाले नुकसान से राहत दिलाने जैसे अहम मुद्दों पर भी निर्णय लिए गए।
कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप प्रदेशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और खरीदारी में भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।
प्रदेश में विकसित होंगे 15 नए सैटेलाइट टाउन
मध्यप्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित अर्बन डेवलपमेंट कार्यक्रम में भी इस योजना का उल्लेख किया था।
सरकार का उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ते आबादी और बुनियादी सुविधाओं के दबाव को कम करना है। इसके लिए प्रमुख शहरों के आसपास नए शहरी क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जहां नागरिकों को बेहतर आवासीय और शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
स्वामित्व योजना में 15 लाख रजिस्ट्रियां पूरी
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने के लिए निशुल्क रजिस्ट्री कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में करीब 15 लाख रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।
सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के माध्यम से करीब 60 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, वहां धनतेरस पर दीपावली मनाई जाए। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को संपत्ति के कानूनी अधिकार मिलने की खुशी में सहभागी बनाना है।
18 नवंबर को गांधी सागर में होगी अगली कैबिनेट बैठक
मध्यप्रदेश सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधी सागर में प्रस्तावित है। इसे डेस्टिनेशन कैबिनेट का स्वरूप दिया जाएगा।
बैठक में किसान कल्याण वर्ष और उद्योग वर्ष को ध्यान में रखते हुए कृषि तथा औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि इन क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
किसानों को राहत देने के लिए 2 हजार नीलगाय और हिरण शिफ्ट
खेतों में नीलगाय और हिरण के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या को देखते हुए सरकार ने वन्यजीवों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की पहल की है।
कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि बोमा पद्धति के माध्यम से करीब 2 हजार नीलगाय और हिरण को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। इस पद्धति के उपयोग के लिए अफ्रीका के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया है।
इस पहल का उद्देश्य किसानों की फसलों को वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से बचाने के साथ ही वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है।
15 नवंबर को तीन स्थानों पर मनाई जाएगी बिरसा मुंडा जयंती
जननायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को मध्यप्रदेश में भव्य रूप से मनाई जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश में तीन स्थानों पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रमों की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर 5 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें आयोजन की रूपरेखा और आवश्यक तैयारियों पर चर्चा होगी।
भोपाल की भाजपा रैली में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि भोपाल में आयोजित होने वाली भाजपा की रैली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
रैली में प्रदेशभर से आम नागरिकों और महिलाओं की भागीदारी रहेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान भी किया।
धान किसानों के लिए पंजीयन की तारीख बढ़ी
कैबिनेट बैठक का किसानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला धान उपार्जन के पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाने का रहा। अब किसान 4 नवंबर तक धान खरीदी के लिए अपना पंजीयन करा सकेंगे।
इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो निर्धारित समय में किसी कारण से पंजीयन नहीं करा पाए थे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे बढ़ी हुई समय-सीमा के भीतर अपना पंजीयन पूरा करा लें।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश कैबिनेट के इन फैसलों में शहरी विकास, ग्रामीण संपत्ति अधिकार, किसान कल्याण, वन्यजीव प्रबंधन और औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

