मृदुभाषी डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दिवाली से पहले राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से यह घोषणा की। इसके साथ ही प्रदेश के पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला लिया गया है।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद लाभ नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर महीने के वेतन से मिलने लगेगा।
जनवरी 2026 से मिलेगा बढ़े हुए DA का लाभ
मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में की गई 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी जनवरी 2026 से देय होगी। यानी कर्मचारियों को जनवरी से सितंबर 2026 तक की अवधि का एरियर भी मिलेगा।
सरकार के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक के नौ महीने के एरियर का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को बकाया राशि चरणबद्ध तरीके से प्राप्त होगी।
वहीं, नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर महीने के वेतन से कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद लाभ मिलने लगेगा।
58% से बढ़कर 60% हुआ महंगाई भत्ता
मध्यप्रदेश सरकार की इस घोषणा से पहले राज्य के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था। 2 प्रतिशत की वृद्धि के बाद यह बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।
महंगाई भत्ता कर्मचारियों के मूल वेतन के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करने में मदद करना है।
उदाहरण के तौर पर: यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये प्रतिमाह है, तो 58 प्रतिशत DA के हिसाब से उसे 17,400 रुपये महंगाई भत्ता मिलता है। 60 प्रतिशत DA होने पर यह राशि बढ़कर 18,000 रुपये हो जाएगी। यानी इस उदाहरण में कर्मचारी को हर महीने 600 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वास्तविक लाभ कर्मचारी के मूल वेतन पर निर्भर करेगा।
पेंशनर्स को भी राहत, DR में 2% की बढ़ोतरी
मोहन सरकार ने पेंशनर्स को भी राहत देने का फैसला किया है। प्रदेश के पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से देय होगी।
महंगाई राहत का उद्देश्य पेंशन पाने वाले लोगों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से राहत देना है। इस फैसले से प्रदेश के पात्र पेंशनर्स को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, पेंशनर्स के लिए बढ़ी हुई महंगाई राहत के भुगतान और बकाया राशि से संबंधित विस्तृत शर्तें संबंधित सरकारी आदेश के अनुसार लागू होंगी।
केंद्रीय कर्मचारियों और MP कर्मचारियों के DA में कितना अंतर?
केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद उनका DA 63 प्रतिशत होने की जानकारी दी गई है। वहीं, मध्यप्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता नई घोषणा के बाद 60 प्रतिशत हो जाएगा।
इस तरह केंद्र और मध्यप्रदेश के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत का अंतर बना रहेगा।
| विवरण | महंगाई भत्ता |
|---|---|
| मध्यप्रदेश के कर्मचारियों का पहले DA | 58% |
| मध्यप्रदेश के कर्मचारियों का बढ़ा हुआ DA | 60% |
| केंद्रीय कर्मचारियों का DA (दिए गए विवरण के अनुसार) | 63% |
| केंद्र और मध्यप्रदेश के DA में अंतर | 3 प्रतिशत |
कर्मचारियों के लिए सरकार का बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और उनके साथ खड़ी है।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की मासिक आय में इजाफा होगा, जबकि एरियर के भुगतान से उन्हें बकाया राशि भी मिलेगी। पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत बढ़ाने का फैसला भी उन्हें आर्थिक सहायता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कर्मचारियों को कब और क्या मिलेगा? एक नजर में
- DA में बढ़ोतरी: 2 प्रतिशत।
- नया महंगाई भत्ता: 60 प्रतिशत।
- DA लागू होने की तारीख: जनवरी 2026 से।
- एरियर की अवधि: जनवरी से सितंबर 2026।
- एरियर का भुगतान: तीन समान मासिक किस्तों में।
- बढ़े हुए DA का नकद लाभ: नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर के वेतन से।
- पेंशनर्स की महंगाई राहत: 2 प्रतिशत की वृद्धि, जुलाई 2026 से देय।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश की मोहन सरकार का यह फैसला सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत लेकर आया है। अब कर्मचारियों की नजर एरियर की किस्तों और संबंधित सरकारी आदेश के विस्तृत प्रावधानों पर रहेगी।
