मृदुभाषी, डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इस जीत के साथ ही अमेरिकी संसद पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण स्थापित हो गया है। चुनाव परिणामों को ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।
एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में कम से कम सात महत्वपूर्ण सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली हैं। इनमें आयोवा, कंसास, टेक्सास, ओहायो, मेन, नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना शामिल हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने कई ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की है, जहां 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प को अच्छी बढ़त मिली थी।
दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, सीनेट की 100 सीटों में से इस चुनाव में 35 सीटों पर मतदान हुआ।
डेमोक्रेट्स की जीत का सबसे बड़ा महत्व यह है कि अब राष्ट्रपति ट्रम्प को अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष के साथ समझौता करना पड़ सकता है। संसद की समितियों और निगरानी संबंधी अधिकारों पर भी डेमोक्रेट्स का प्रभाव बढ़ेगा।
सात राज्यों में सीनेट सीटें जीतकर रिपब्लिकन को झटका
डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन के मजबूत माने जाने वाले राज्यों में भी जीत दर्ज की है। कंसास, आयोवा, टेक्सास, ओहायो, मेन, नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना में मिली जीत ने सीनेट का समीकरण बदल दिया।
कंसास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन ने रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल को हराया। वहीं, आयोवा में जोश ट्यूरेक ने रिपब्लिकन उम्मीदवार एशले हिंसन को पराजित किया। टेक्सास में जेम्स टालारिको की जीत को भी चुनाव का बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेट्स का प्रदर्शन शानदार
सीनेट और हाउस के अलावा गवर्नर चुनावों में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। टेक्सास, आयोवा, ओहायो और जॉर्जिया समेत कई राज्यों में रिपब्लिकन के कब्जे वाली गवर्नर सीटें डेमोक्रेट्स ने जीत लीं।
टेक्सास में जीना हिनोजोसा की जीत खास रही। वह राज्य की पहली लैटिना महिला गवर्नर बनने जा रही हैं। आयोवा में रॉब सैंड ने भी रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर गवर्नर पद हासिल किया।
ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को ठहराया हार के लिए जिम्मेदार
चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज की आलोचना की। उन्होंने चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए मीडिया कवरेज को भी जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव प्रचार की तारीफ भी की। उन्होंने हार को अपनी व्यक्तिगत पराजय मानने से इनकार किया और कहा कि वह इसे अपने खिलाफ जनमत संग्रह नहीं मानते।
ट्रम्प के कार्यकाल के अंतिम दो साल होंगे चुनौतीपूर्ण
डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत का सबसे बड़ा असर राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल के शेष दो वर्षों पर पड़ सकता है। अब संसद में विपक्ष के मजबूत होने से सरकार की नीतियों, विधेयकों और प्रशासनिक फैसलों पर अधिक निगरानी रखी जा सकेगी।
डेमोक्रेट्स महंगाई, ईरान युद्ध, सरकारी भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर ट्रम्प सरकार को घेर सकते हैं। संसद की समितियों में नियंत्रण मिलने से जांच और सुनवाई की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।
ट्रम्प के सामने अब चुनौती यह होगी कि वे विपक्ष के साथ तालमेल बनाकर अपनी नीतियों को आगे बढ़ाएं। दूसरी ओर, डेमोक्रेट्स के लिए भी यह जीत आगामी राजनीतिक रणनीति और अगले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
रिपब्लिकन पार्टी में बढ़ सकती है नेतृत्व को लेकर खींचतान
मिडटर्म चुनाव में हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल उठ सकते हैं। ट्रम्प का कार्यकाल दूसरा है और अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत कोई व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता।
ऐसे में पार्टी के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर नए चेहरे सामने आ सकते हैं। कुछ रिपब्लिकन नेता ट्रम्प से अलग अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
डेमोक्रेट्स की जीत के बाद महाभियोग की राजनीतिक चर्चा भी फिर तेज हो सकती है। हालांकि, महाभियोग की प्रक्रिया और राष्ट्रपति को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया अलग-अलग हैं। राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए सीनेट में दो-तिहाई समर्थन आवश्यक होता है।
कुल मिलाकर, 2026 के मिडटर्म चुनाव ने अमेरिकी राजनीति का समीकरण बदल दिया है। संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण से ट्रम्प प्रशासन के लिए आने वाले दो साल पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।


