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जनगणना 2027: मध्यप्रदेश में OBC की अलग से नहीं होगी गिनती! ‘अन्य’ श्रेणी में शामिल करने की तैयारी, जनवरी से मार्च तक तबादलों पर भी रोक

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मृदुभाषी डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच जनगणना से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनगणना में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए अलग विकल्प होंगे, जबकि ओबीसी (OBC) वर्ग को अलग श्रेणी के रूप में दर्ज करने के बजाय ‘अन्य’ विकल्प में शामिल किया जाएगा। ऐसे में ओबीसी वर्ग की अलग से गणना को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, इस व्यवस्था का अंतिम अर्थ समझने के लिए जनगणना के आधिकारिक प्रश्नपत्र और दिशा-निर्देशों की पुष्टि जरूरी होगी।

सीएस अशोक वर्णवाल बैठक लेते हुए।

OBC की अलग गणना नहीं होने का मुद्दा क्यों है अहम?

ओबीसी वर्ग की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी नीतियों और विभिन्न स्तरों पर प्रतिनिधित्व से संबंधित चर्चाओं में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में यदि जनगणना में ओबीसी के लिए अलग विकल्प नहीं रखा जाता है, तो इस वर्ग की जनसंख्या का स्वतंत्र आधिकारिक आंकड़ा जुटाने को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ ‘अन्य’ विकल्प भी रहेगा। ओबीसी को इसी ‘अन्य’ श्रेणी में शामिल किए जाने की बात कही गई है। इस विषय पर आधिकारिक प्रश्नावली और विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

जनवरी से मार्च 2027 तक तबादलों पर लग सकती है रोक

जनगणना का काम प्रभावित न हो, इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार जनवरी से मार्च 2027 के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले यथासंभव नहीं करने की व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसका असर नए नगरीय निकायों, पंचायतों, तहसीलों और परिषदों के गठन के साथ-साथ सीमा विस्तार जैसे प्रस्तावों पर भी पड़ सकता है। जनगणना के दौरान प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं स्थिर रहने से आंकड़े जुटाने और उनका वर्गीकरण करने में सुविधा होगी।

मुख्य सचिव ने विभागों को दिए समय पर तैयारी के निर्देश

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने गुरुवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जनगणना महानिदेशक संजीव श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

बैठक में सभी विभागों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार तैयारी करने, जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध कराने और आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग को भी जनगणना की समय-सारणी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2027 की परीक्षाओं की व्यवस्था करने को कहा गया।

पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना

जनगणना 2027 की खास बात यह है कि इसे डिजिटल माध्यम से करने की तैयारी है। आंकड़े जुटाने के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।

इस बार नागरिकों को स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी मिलेगी। इसके तहत लोग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। मुख्य सचिव ने अधिक से अधिक नागरिकों को इस सुविधा के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके लिए सरकारी कर्मचारियों को iGOT प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण देने, कॉलेजों में विद्यार्थियों को स्व-गणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया समझाने और डिजिटल तथा सोशल मीडिया पर जागरूकता वीडियो प्रसारित करने की योजना बनाई गई है।

प्रदेश में तैनात होंगे करीब दो लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक

मध्यप्रदेश में जनगणना के व्यापक कार्य के लिए करीब दो लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की जरूरत होगी। इनके अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक अमले की व्यवस्था भी संबंधित सरकारी विभागों के माध्यम से की जाएगी।

जिलों से आने वाले मास्टर ट्रेनर्स को 12 और 13 नवंबर को प्रशिक्षण देने की योजना है। नवंबर के तीसरे सप्ताह में कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण एवं सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जनगणना के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए रैलियों, झांकियों, लोक कलाकारों, कलापथक दलों, सिनेमा हॉल, रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया का सहारा लिया जाएगा। सभी विभागों को अपने यहां एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए भी कहा गया है।

जनगणना के आंकड़ों पर रहेगी सबकी नजर

मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती और डिजिटल प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, ओबीसी वर्ग को अलग श्रेणी में दर्ज किए जाने या ‘अन्य’ विकल्प में शामिल करने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहेगा।

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