5 गाड़ियां, 2 करोड़ का माल और बेनकाब होते ही चालकों के उड़े होश!
उज्जैन। मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन से एक हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो करोड़ रूपए से अधिक कीमत का तांबे का स्क्रैप बरामद किया है। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक और व्यावसायिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए कुल पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनके कब्जे से दो करोड़ रूपए से अधिक कीमत का तांबे का स्क्रैप से भरे पांच लोडिंग वाहन जब्त किए गए हैं।
आखिर क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
यह पूरी सनसनीखेज घटना तब प्रकाश में आई जब इंदौर के पीथमपुर स्थित एक प्रसिद्ध कारखाने के व्यवसायी ने पुलिस को यह गंभीर सूचना दी कि उनकी फैक्टरी से दो करोड़ रूपए से अधिक कीमत का तांबे का स्क्रैप चोरी-छिपे गायब कर दिया गया है और उसे चोरी करके उज्जैन की तरफ लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही उज्जैन पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया और पुलिस ने जाल बिछाना शुरू कर दिया। जांच के दौरान पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि संदिग्ध वाहन उज्जैन की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। इसके बाद उज्जैन की चिमनगंज और पंवासा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से एक बड़ी घेराबंदी की। पुलिस ने मक्सी रिंग रोड ब्रिज के नीचे से गुजर रहे पांच संदिग्ध लोडिंग वाहनों को रोक लिया। जब इन वाहनों की सघन तलाशी ली गई, तो उनके अंदर तांबे के चूरे और स्क्रैप का भारी जखीरा भरा हुआ मिला।
वैध दस्तावेज दिखाने में नाकाम रहे वाहन चालक
पुलिस ने जब वाहन चालकों से इस भारी-भरकम और कीमती माल के संबंध में वैध बिल, बिल्टी, इनवॉइस या परिवहन संबंधी अन्य जरूरी दस्तावेज दिखाने को कहा, तो चालकों के होश उड़ गए। वे मौके पर कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। चालकों द्वारा माल के संबंध में कोई भी संतोषजनक या स्पष्ट जानकारी न दिए जाने के कारण पुलिस का शक गहरा गया। चोरी और अवैध परिवहन के पुख्ता संदेह के आधार पर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से सभी पांचों लोडिंग वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया और उनके चालकों को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
एसपी ने क्या कहा?
इस सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि प्रारंभिक पूछताछ जारी है और अब पुलिस माननीय न्यायालय से सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड हासिल करेगी। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़े चोरी के सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह दो करोड़ रूपए से अधिक कीमत का तांबे का स्क्रैप आखिर किसे और कहां खपाया जा रहा था। पुलिस इस पूरे अंतरराज्यीय या स्थानीय रैकेट की तह तक जाने के लिए हर एक कड़ी को आपस में जोड़ रही है।