ओडिशा-आंध्र प्रदेश में बिगड़े हालात, उफान पर नदियां और प्रभावित रेल सेवाएं; मध्य प्रदेश में बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
नई दिल्ली/भोपाल। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से पूर्वी भारत में मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ओडिशा के गंजाम जिले में करीब 300 गांव पानी से घिर गए हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर से बाहर निकालने की तैयारी भी की जा रही है।

इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। राजधानी भोपाल समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
ओडिशा में बाढ़ का संकट, 300 गांव पानी से घिरे
ओडिशा के गंजाम जिले में लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण ऋषिकुल्या नदी उफान पर है। नदी का पानी आसपास के कस्बों और गांवों में पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सोरड़ा, सनाखेमुंडी और आस्का समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। आस्का में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जबकि दिगपहांडी ब्लॉक में भी लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं।
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग के मुताबिक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की टीमें प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही हैं। गंजाम में ओडीआरएएफ की एक अतिरिक्त टीम भी भेजी गई है।
हेलीकॉप्टर से निकाले जाएंगे फंसे लोग
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार हवाई बचाव अभियान की तैयारी कर रही है। पहले चरण में करीब 120 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए निकालने की योजना बनाई गई है। भारतीय तटरक्षक बल इस अभियान के लिए हेलीकॉप्टर और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगा।
हालांकि, लगातार बारिश और नीचे छाए बादलों के कारण हवाई अभियान में बाधा आ सकती है। राज्य सरकार इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में है।
प्रशासन का कहना है कि बारिश कम होने पर बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में आसानी होगी। फिलहाल, पानी से घिरे गांवों में फंसे लोगों की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक सहायता पहुंचाना प्राथमिकता है।
आंध्र प्रदेश में सीएम नायडू ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
चक्रवात से प्रभावित आंध्र प्रदेश में भी प्रशासन राहत और बहाली के काम में जुटा है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर हालात की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने, सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने और जमा मलबे की सफाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नुकसान का आकलन तेजी से पूरा कर प्रभावित लोगों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
सरकार के मुताबिक, शुरुआती नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फसलों को हुए नुकसान का आकलन अलग से किया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को निर्धारित प्रावधानों के तहत सहायता दी जा सके।
किसानों की फसलें और नारियल के पेड़ प्रभावित
चक्रवात और भारी बारिश का असर आंध्र प्रदेश के कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है। उत्तर आंध्र, तटीय जिलों और गोदावरी नदी क्षेत्र में खड़ी फसलों तथा नारियल के पेड़ों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
मुख्यमंत्री नायडू ने कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों से जलभराव से प्रभावित फसलों को बचाने के उपाय तलाशने को कहा है। उखड़े हुए नारियल के पेड़ों और अन्य बागवानी फसलों को दोबारा लगाने की संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा, तालाबों और नहरों के तटबंध टूटने की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने तथा नुकसान का आकलन करने में तकनीक का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
श्रीकाकुलम में रेलवे पुल डूबा, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित
भारी बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में एक रेलवे पुल पानी में डूब जाने के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों के सामने फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की चुनौती है। योजना के मुताबिक, यात्रियों को सड़क मार्ग से निकालने का प्रयास किया जाएगा। यदि ऐसा संभव नहीं हुआ, तो आसपास के रेलवे स्टेशनों पर उनके ठहरने और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।
केंद्र सरकार ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
ओडिशा में बिगड़ते हालात के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को चक्रवात के प्रभाव, प्रभावित जिलों की स्थिति और सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बहाली कार्यों की जानकारी दी है।
राज्य सरकार के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने तक बचाव, राहत और पुनर्वास संबंधी गतिविधियां जारी रहेंगी।
मध्य प्रदेश में भी बदला मौसम, नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम में भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार को भोपाल समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। वहीं, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र के मौसम विज्ञानी वीएस यादव के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इन 9 जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, निम्नलिखित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है:
- सीधी
- सिंगरौली
- रीवा
- मऊगंज
- सतना
- मैहर
- शहडोल
- उमरिया
- अनूपपुर
इन जिलों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
क्या मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा चक्रवात?
मौसम विज्ञानी वीएस यादव के अनुसार, कमजोर हो चुका चक्रवात छत्तीसगढ़ के जगदलपुर क्षेत्र के ऊपर पहुंच गया है। इसके मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना नहीं बताई गई है। मौसम प्रणाली के छत्तीसगढ़ से आगे बढ़कर बिहार की ओर जाने का अनुमान है।
इसके बावजूद, चक्रवात से जुड़ी मौसम प्रणालियों के प्रभाव के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए प्रभावित जिलों के लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
- मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें।
- तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
- तेज हवाओं के समय कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूरी बनाए रखें।
- बिजली के तार टूटने या जलभराव की स्थिति में संबंधित विभाग को सूचना दें।
- स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, चक्रवात अर्नब के प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश में राहत एवं बचाव कार्यों की चुनौती बढ़ गई है, जबकि मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में भी मौसम को लेकर सतर्कता जरूरी है। आने वाले घंटों में बारिश की स्थिति और प्रशासन की तैयारियां प्रभावित क्षेत्रों के लिए अहम रहेंगी।