मृदुभाषी डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणामों के बाद ट्रम्प प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में किए गए अपने सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिए हैं। वहीं, चुनाव में पार्टी की हार के बाद मस्क की संपत्ति में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के ट्रम्प प्रशासन छोड़ने की अटकलें भी सामने आई हैं।
चुनाव के दौरान मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रचार पर कम से कम 458 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,400 करोड़ रुपये खर्च किए थे। हालांकि, पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुमान के मुताबिक, चुनाव परिणामों के बाद मस्क की नेटवर्थ में करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है।

प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को बहुमत
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए थे। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने 253 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 157 सीटें मिलीं। शेष 25 सीटों पर अंतिम नतीजे आना बाकी बताए गए हैं।
इस परिणाम के साथ डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सीनेट में भी डेमोक्रेट्स मजबूत
अमेरिकी सीनेट की कुल 100 सीटों में से इस चुनाव में 35 सीटों पर मतदान हुआ। उपलब्ध नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। दो सीटों के परिणाम लंबित बताए गए हैं।
कुल सीटों के आंकड़ों के अनुसार, सीनेट में डेमोक्रेट्स के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है।
भारतीय मूल की हरमीत ढिल्लों ने छोड़ा पद
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रम्प प्रशासन में बड़ा इस्तीफा सामने आया है। भारतीय मूल की हरमीत कौर ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है।
अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को उनके इस्तीफे की पुष्टि की और उनके कार्यकाल की सराहना की। हरमीत ने स्पष्ट किया कि पद छोड़ने का फैसला उन्होंने स्वयं लिया था।
उन्होंने बताया कि वह पहले ही इस्तीफा देने का मन बना चुकी थीं, लेकिन व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के अनुरोध पर उन्होंने चुनाव परिणाम आने तक इसकी घोषणा टाल दी थी।
मार्को रूबियो के इस्तीफे की अटकलें
ट्रम्प प्रशासन के लिए एक और चिंता विदेश मंत्री मार्को रूबियो को लेकर सामने आई है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद रूबियो और उनके सलाहकार भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूबियो ने व्हाइट हाउस के अधिकारियों से पद छोड़ने को लेकर बातचीत भी की थी। हालांकि, कुछ अधिकारियों ने उन्हें पद पर बने रहने की सलाह दी है। फिलहाल उनके इस्तीफे की कोई तारीख तय नहीं है।
दूसरी ओर, रूबियो ने इस्तीफे की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह खबर कहां से आई। ट्रम्प का कार्यकाल समाप्त होने तक उनके साथ काम करना उनकी योजना रही है।
अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट
चुनाव परिणामों के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों में भारी बिकवाली देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही दिन में निवेशकों की करीब 3 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 285 लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी घट गई।
नैस्डैक कंपोजिट में 5.5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 24,315 के स्तर पर पहुंच गया। यह 6 अक्टूबर को बने 27,599.79 के रिकॉर्ड स्तर से 10 प्रतिशत से अधिक नीचे आ गया। बाजार की भाषा में इस स्थिति को करेक्शन कहा जाता है।
वहीं, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3.4 प्रतिशत गिरकर 51,523 और एसएंडपी 500 इंडेक्स 4.4 प्रतिशत गिरकर 7,353 पर पहुंच गया। रिपोर्ट में AI कंपनियों पर संभावित सख्ती की आशंका को निवेशकों की चिंता की एक वजह बताया गया है।
अमेरिकी यहूदियों के बीच ममदानी की लोकप्रियता
इस बीच न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी को लेकर एक सर्वे भी चर्चा में है। अल जजीरा के मुताबिक, अमेरिकी यहूदी मतदाताओं के बीच ममदानी को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और डेमोक्रेटिक पार्टी से भी अधिक लोकप्रिय बताया गया है।
सर्वे में 49 प्रतिशत लोगों ने ममदानी को पसंद किया, जबकि नेतन्याहू को 20 प्रतिशत और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 21 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। डेमोक्रेटिक पार्टी को 45 प्रतिशत और रिपब्लिकन पार्टी को 19 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा इस सर्वे में सबसे लोकप्रिय रहे। उन्हें 61 प्रतिशत लोगों की पसंद बताया गया है।
ट्रम्प के सामने बढ़ेंगी राजनीतिक चुनौतियां
मिडटर्म चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माने जा रहे हैं। प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स के बहुमत और सीनेट में उनकी मजबूत स्थिति से सरकार के फैसलों पर निगरानी बढ़ सकती है। इसके साथ ही प्रशासन में इस्तीफों की खबरें, मस्क की राजनीतिक गतिविधियों में बदलाव और शेयर बाजार की गिरावट ने अमेरिकी राजनीति और अर्थव्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रम्प प्रशासन चुनावी हार के बाद अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है और रिपब्लिकन पार्टी इस राजनीतिक चुनौती से कैसे उबरती है।