भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को भोपाल समेत 15 जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट जारी किया है।
गुना जिले में रविवार को हुई बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ। खेतों में कटी हुई मक्के की फसल भीग गई, जबकि मंडी में खुले में रखा मक्का पानी के साथ बहकर नालियों में पहुंच गया। इससे किसानों और व्यापारियों दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह जिलों में बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में अधिक असर
20 से 22 अक्टूबर तक इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल सहित पश्चिमी जिलों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।
इस साल सामान्य से कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हुआ है, जबकि शेष 30 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिश्रित मौसम सामान्य प्रवृत्ति है। इसी वजह से मानसून लौटने के बाद भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर फिर सक्रिय हो गया है।